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क्लिंटन की गृह युद्ध पर चेतावनी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका की यात्रा पर पहुँचे अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने कहा है यदि वहाँ पर गृह युद्ध फिर छिड़ता है तो सुनामी से प्रभावित लोगों के लिए किए जा रहे काम को भारी धक्का पहुँचेगा. श्रीलंका में पिछले साल सुनामी से लगभग 31 हज़ार लोग मारे गए थे. सुनामी प्रभावितों की मदद के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत के तौर पर श्रीलंका पहुँचे पूर्व राष्ट्रपति क्लिंटन ने ये चेतावनी दी है. पूर्व राष्ट्रपति क्लिंटन श्रीलंका के पूर्वी तट पर सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाक़ों में पुनर्निर्माण के काम का निरीक्षण करने पहुँचे हैं. उधर श्रीलंका में नए राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने कहा था कि वे तमिल विद्रोहियों के संगठन एलटीटीई के साथ तत्काल शांति वार्ता शुरु करने के लिए तैयार हैं. महत्वपूर्ण है कि इससे पहले एलटीटीई ने रविवार को सरकार को चेतावनी दी थी कि यदि विवाद का राजनीतिक हल जल्द न निकाला गया तो अगले साल संघर्ष तेज़ कर दिया जाएगा. उधर विश्व खाद्य कार्यक्रम ने घोषणा की है कि वह श्रीलंका ओर इंडोनेशिया में अपना राहत कार्यक्रम एक साल के लिए बढ़ा रहा है. उधर राहत संस्था ऑक्सफ़ैम ने श्रीलंका और इंडोनेशिया में पुनर्निर्माण की गति को बहुत धीमा बताते हुए उसकी तीख़ी आलोचना की है. | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीलंका राष्ट्रपति चुनाव में राजपक्षे जीते17 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस राजपक्षे:अभिनय से राजनीति तक18 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में गुरूवार को राष्ट्रपति चुनाव16 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'एलटीटीई ने समझौते का उल्लघंन किया'10 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस श्रीलंका की समस्या और भारत का भविष्य04 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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