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श्रीलंका में धमाके में छह सैनिक मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तरी श्रीलंका में एक बारूदी सुरंग के धमाके में कम से कम छह सैनिक मारे गए हैं. तमिल विद्रोहियों के गढ़ जाफ़ना में हुए इस धमाके में तीन अन्य सैनिक बुरी तरह ज़ख़्मी हो गए हैं. तीन वर्ष पहले श्रीलंका में तमिल विद्रोहियों और सरकार के बीच युद्धविराम लागू होने के बाद से यह सैनिकों के मारे जाने की सबसे बड़ी घटना है. युद्धविराम की निगरानी करने वाले अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक चेतावनी देते रहे हैं कि दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ रहा है जिससे युद्धविराम ख़तरे में पड़ सकता है. इससे पहले पूर्वी त्रिंकोमली ज़िले में मुसलमानों और तमिलों के बीच संघर्ष में पाँच लोगों के मारे जाने के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. धमाका श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि सैनिक एक ट्रैक्टर पर बैठकर जा रहे थे तभी बारूदी सुरंग का धमाका हुआ. श्रीलंका की सेना के वरिष्ठ अधिकारी ब्रिगेडियर नलिन वितरनागे ने कहा कि इस धमाके पर एलटीटीई की बिल्कुल स्पष्ट छाप दिखाई देती है लेकिन विद्रोहियों ने इस बारे में कुछ नहीं कहा है. इससे पहले शुक्रवार को जाफ़ना में दो तमिल नौजवानों की अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी जिसके बाद पूरे इलाक़े गहरा गया था. एलटीटीई का कहना है कि श्रीलंका की सेना विद्रोही संगठन से अलग हो चुके एक गुट को समर्थन दे रही है लेकिन सेना ने इन आरोपों से इनकार किया है. चेतावनी श्रीलंका में अंतरराष्ट्रीय शांति मिशन के प्रमुख हग्रुप हॉगलैंड ने चेतावनी दी है कि श्रीलंका में शांति प्रक्रिया संकट में है. हॉगलैंड ने कहा है कि हाल के दिनों में श्रीलंका सरकार और तमिल संगठन एलटीटीई के बीच जिस तरह से दूरियाँ बढ़ रही हैं उससे शांति प्रक्रिया हमेशा के लिए पटरी से उतर सकती है. हाल के दिनों में श्रीलंका में हिंसा की गतिविधियाँ बढ़ी हैं और एलटीटीई प्रमुख वेलुपिल्लई प्रभाकरन ने श्रीलंका सरकार से कहा है कि अगले साल तक वो कोई समझौता कर लें नहीं तो उनका संगठन अपने प्रभुत्व वाले इलाक़ों में स्वशासित सरकार स्थापित कर लेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें नॉर्वे के पीछे हटने से एलटीटीई चिंतित 15 नवंबर, 2003 | भारत और पड़ोस 'संघर्षविराम समझौता वैध नहीं'09 नवंबर, 2003 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में आपातकाल घोषित05 नवंबर, 2003 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में शांति प्रक्रिया के विरोध में रैली25 अक्तूबर, 2003 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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