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एलटीटीई की विदेशी प्रतिनिधियों से बात | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका में सरकार और तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई के बीच संघर्षविराम को बनाए रखने के पक्षधर विदेशी प्रतिनिधि शनिवार को तमिल विद्रोही नेताओं से आपात बैठक कर रहे हैं. श्रीलंका में शांति प्रक्रिया के समर्थक नॉर्वे, जापान, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई के नेताओं से मिलेंगे. ये बैठक वर्ष 2002 में हुए संघर्षविराम के बाद हाल में भड़की हिंसा और संघर्षविराम के एक कथित उल्लंघन की घटना के बाद हो रही है. बैठक से पहले श्रीलंका में संघर्षविराम का निरीक्षण कर रहे दल के अध्यक्ष हॉलग्रुप होकलैंड ने संघर्षविराम के कथित उल्लंघन की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की. घात लगाकर हमला शुक्रवार को श्रीलंका की सरकार ने तमिल विद्रोहियों पर आरोप लगाया था कि उन्होंने नौसैनिकों के एक काफ़िले पर घात लगाकर हमला किया. इस हमले में 13 नौसैनिक तब मारे गए जब वे अपने सैनिक अड्डे पर लौट रहे थे. लेकिन तमिल विद्रोहियों ने इस हमले में अपना हाथ होने से साफ़ इनकार किया है. नॉर्वे, जापान और यूरोपीय संघ के दूत एलटीटीई के राजनीतिक प्रतिनिधि एसपी तमिलसेलवन से विद्रोहियों से उत्तरी श्रीलंका में किलिनोची में मिल रहे हैं. इससे पहले श्रीलंका में शांति प्रक्रिया के अंतरराष्ट्रीय समर्थक कह चुके हैं कि नवंबर में राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के चुनाव के बाद संघर्षविराम को गंभीर ख़तरा पैदा हो गया है. शुक्रवार को हुए हमले के बाद बीबीसी संवाददाता डमीथा लूथ्रा का कहना है कि चिंता है कि श्रीलंका में हिंसक संघर्ष फिर शुरु हो सकता है. महत्वपूर्ण है कि संघर्ष विराम पर निगरानी रखने वाली टीम को एक पत्र में तमिलसेलवन ने श्रीलंका की नौसेना पर तमिल विद्रोहियों पर गोलीबारी करने का आरोप लगाया था और उनके अनुसार विद्रोहियों ने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीलंका धमाके में सात सैनिकों की मौत06 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'धमाके के लिए तमिल विद्रोही ज़िम्मेदार'05 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में धमाके में छह सैनिक मारे गए04 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस क्लिंटन की गृह युद्ध पर चेतावनी29 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस तत्काल बातचीत के लिए तैयार: राजपक्षे28 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस श्रीलंका सरकार को एलटीटीई की चेतावनी27 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'युद्धविराम की समीक्षा की जानी चाहिए'25 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस विक्रमनायके श्रीलंका के प्रधानमंत्री नियुक्त21 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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