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श्रीलंका में नौसैनिकों पर हमला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका में सैनिक अधिकारियों ने कहा है कि त्रिंकोमाली में एक नौसैनिक गश्ती नौका पर हमले में 15 सैनिकों की मौत हो गई है. उन्होंने इसे आत्मघाती हमला कहा है और इसके लिए तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई को ज़िम्मेदार ठहराया है. सैनिक अधिकारियों का कहना है कि इस नौका पर 17 लोग सवार थे. हमले के बाद दो लोगों को पानी से निकाला गया जो घायल हैं. पाँच शव बरामद कर लिए गए हैं और दस लापता लोगों को भी मृत ही माना जा रहा है. नौसेना की यह गश्ती नौका अभी त्रिंकोमाली बंदरगाह से रवाना ही हुई थी कि विस्फोटकों से भरी एक अन्य नौका उससे आकर टकरा गई. त्रिंकोमाली श्रीलंका का तमिल बहुल इलाक़ा है. पिछले महीने से श्रीलंका में सैनिकों पर एकाएक हमले बढ़ गए हैं. अब ये चिंता व्यक्त की जाने लगी है कि श्रीलंका में सरकार और एलटीटीई के बीच संघर्ष फिर से शुरू हो सकता है. दिसंबर में विभिन्न हमलों में श्रीलंका के 40 सैनिक मारे गए थे. वर्ष 2002 में श्रीलंका सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच संघर्ष विराम के बाद पिछले महीने सबसे ज़्यादा हिंसा की घटनाएँ हुई. शवयात्रा इस बीच शुक्रवार को त्रिंकोमाली में पाँच तमिल विद्यार्थियों की शवयात्रा में क़रीब 10 हज़ार लोगों ने हिस्सा लिया. इनकी हत्या इस सप्ताह के शुरू में हुई थी.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक़ इन छात्रों के शरीर पर गोली लगने के निशान थे. एलटीटीई ने इन हत्याओं के लिए श्रीलंका के सुरक्षा बलों पर ज़िम्मेदार ठहराया था. लेकिन सेना ने इससे इनकार किया है. श्रीलंका में राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद महिंदा राजपक्षे और एलटीटीई के बीच बातचीत के स्थान को लेकर भी सहमति नहीं हो पाई है. पिछले दिनों अमरीका, यूरोपीय संघ, नॉर्व और जापान के प्रतिनिधियों की एलटीटीई से बातचीत हुई थी. लेकिन इस बातचीत में कोई भी नतीजा नहीं निकल पाया था. नवंबर में एलटीटीई प्रमुख प्रभाकरण ने एक बयान जारी करने सरकार को अल्टीमेटम दिया था कि वह जल्द ही विवाद का राजनीतिक हल लेकर आए. राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने भी सरकार की ओर से एलटीटीई को बातचीत की पेशकश की और कहा कि बातचीत एशिया में कहीं भी हो जाए. जापान ने बातचीत की मेजबानी करने की पेशकश भी की. लेकिन एलटीटीई का कहना है कि बातचीत यूरोप में हो. | इससे जुड़ी ख़बरें | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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