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गुरुवार, 20 अप्रैल, 2006 को 21:06 GMT तक के समाचार
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नेपाल में और विरोध प्रदर्शनों की तैयारी
काठमांडू
काठमांडू में विरोध में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे
नेपाल में विपक्षी नेताओं ने राजा ज्ञानेंद्र के सत्ता हथिया लेने के विरोध में शुक्रवार को एक और रैली आयोजित की है.

नेताओं का कहना है कि पिछले दो सप्ताह से चल रही हड़ताल राजा ज्ञानेंद के सत्ता वापस सौंपने और लोकतंत्र की बहाली तक जारी रहेगी.

इसके पहले गुरुवार को राजधानी काठमांडू में कर्फ़्यू के बावजूद व्यापक प्रदर्शन हुए.

नेपाली सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई जिसमें तीन लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए.

इसको लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार अधिकारियों ने नेपाल के सुरक्षाबलों की आलोचना की है और कहा है कि वे 'अत्यधिक बल' का प्रयोग कर रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों का कहना है कि राजधानी काठमांडू में कर्फ़्यू का उल्लंघन कर राजा ज्ञानेंद्र के ख़िलाफ़ लगभग एक लाख लोग प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरे थे और उन पर सुरक्षाबलों ने 'अंधाधुंध' गोलीबारी की.

डॉक्टरों का कहना है कि इस गोलीबारी में कम से कम 40 लोग घायल हुए हैं जिनमें से कुछ की हालत गंभीर हैं.

गुरुवार की रैली से पहले ही काठमांडू में कर्फ़्यू लगा दिया था और इसका उल्लंघन करनेवालों को देखते ही गोली मार देने के आदेश दे दिए गए थे.

लेकिन लोगों ने सड़क पर लगाए गए अवरोधों की परवाह नहीं की और इसे तोड़ दिया. पिछले दो सप्ताह से चल रहे विरोध प्रदर्शनों में 10 लोग मारे जा चुके हैं.

भारत के प्रयास

इस बीच नेपाल गए भारत के विशेष दूत कर्ण सिंह ने राजा ज्ञानेंद्र से मुलाक़ात की है.

राजा ज्ञानेंद्र और कर्ण सिंह
भारत ने राजा को अपनी चिंता से अवगत करा दिया है

काठमांडू से लौटने के बाद दिल्ली हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए कर्ण सिंह ने कहा कि अब गेंद राजा के पाले में है.

उन्होंने बताया कि नेपाल नरेश के साथ उनकी मुलाक़ात सकारात्मक रही और उन्होंने राजा ज्ञानेंद्र को भारत की चिंता के बारे में अवगत करा दिया है.

कर्ण सिंह ने राजा के साथ मुलाक़ात में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का पत्र भी उन्हें सौंपा.

कर्ण सिंह ने राजा को यह भी संदेश दिया कि भारत नेपाल में बहुदलीय लोकतांत्रिक व्यवस्था को लागू करने के लिए हरसंभव मदद देने के लिए तैयार है.

प्रदर्शनराजशाही विरोधी प्रदर्शन
भारत में नेपाल की राजशाही के ख़िलाफ़ प्रदर्शन
नेपालचरम पर जनांदोलन
काठमांडू पहुँचकर सुनील रामन को राजा के ख़िलाफ़ आंदोलन का अंदाज़ा हुआ.
प्रदर्शनदिल्ली में भी प्रदर्शन
नेपाली राजशाही के विरोध में दिल्ली में रैली का आयोजन हुआ
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