|
नेपाल में वकीलों पर गोली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पुलिस ने नेपाल की राजधानी काठमांडू में राजा ज्ञानेंद्र के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे वकीलों पर गोली चलाई है. इस गोलीबारी में तीन वकील घायल हो गए है. इनमें से एक के सिर में गोली लगी है. साथ ही सात लोगों को गिरफ़्तार भी किया गया है. राजा ज्ञानेंद्र के ख़िलाफ़ इस प्रदर्शन में 200 वकील हिस्सा ले रहे थे. काठमांडू में रैलियों पर प्रतिबंध लगा हुआ है. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पुलिस ने नेपाल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शंभू थापा के अलावा कुछ अन्य प्रमुख वकीलों की भी पिटाई की. राजा ज्ञानेंद्र के ख़िलाफ़ चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर सुरक्षाबलों की गोलीबारी में अब तक चार प्रदर्शनकर्ता मारे गए हैं. पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ अधिक शाक्ति के इस्तेमाल का आरोप लग रहा है. पिछले गुरुवार से सात पार्टियों के विपक्षी गठबंधन ने आम हड़ताल का आह्वान किया है. राजा के विरोध में नेपाल में हर दिन प्रदर्शन हो रहे हैं और प्रदर्शनकारियों की पुलिसकर्मियों से झड़प भी हो रही है. कुछ स्थानों पर कर्फ़्यू भी लगाना पड़ा है. लेकिन कर्फ़्यू की परवाह न करते हुए हज़ारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर आकर प्रदर्शन कर रहे हैं. विपक्षी दलों और माओवादियों ने कहा है कि वे अपना आंदोलन तेज़ करने जा रहे हैं. विपक्षी पार्टियों की माँग है कि नेपाल नरेश लोकतांत्रिक सरकार बहाल करें. फ़रवरी, 2005 में राजा ज्ञानेंद्र ने नेपाल सरकार को बर्ख़ास्त कर सत्ता अपने हाथ में ले ली थी और विपक्षी दल समय-समय पर इसका विरोध करते रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें अमरीका ने नेपाल नरेश की आलोचना की11 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में नरेश विरोधी अभियान जारी09 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस सैकड़ों ने कर्फ़्यू का उल्लंघन किया, झड़पें जारी08 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में विरोध प्रदर्शनों के दौरान झड़पें07 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में हिंसा, दस की मौत06 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||