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नेपाल में विरोध प्रदर्शनों के दौरान झड़पें | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में विपक्षी दलों के आह्वान पर आम हड़ताल के दूसरे दिन पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई है. राजधानी काठमांडू में रैलियों पर लगी सरकारी पाबंदी के बावजूद लोकतंत्र समर्थक सड़कों पर उतरे. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के बाद क़रीब 150 लोगों को गिरफ़्तार किया गया. हाल के दिनों में कई गिरफ़्तारियों के बावजूद राजा ज्ञानेंद्र के सीधे शासन के ख़िलाफ़ प्रदर्शन जारी हैं. संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ ने सरकार से कार्रवाई बंद करने की अपील की है और विरोधियों से बातचीत करने की मांग की है. गिरफ़्तारी पिछले दो दिनों में सैकड़ों लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. दूसरे दिन जब प्रदर्शनकारियों ने रैली निकाली, तो पुलिस ने आँसू गैस के गोले छोड़े और प्रदर्शनकारियों पर लाठियाँ चलाईं. ग़ुस्साए प्रदर्शनकारियों ने सरकारी वाहनों में तोड़-फोड़ की और एक चौकी को आग लगा दी. राजधानी काठमांडू से बीबीसी संवाददाता सुशील शर्मा ने बताया कि हड़ताल के कारण आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है. आम हड़ताल का आह्वान नेपाल में सात विपक्षी पार्टियों के गठबंधन ने किया है. राजधानी काठमांडू में प्रदर्शन और रैलियों पर पाबंदी है. इसके बावजूद शनिवार को काठमांडू में राजा ज्ञानेंद्र के ख़िलाफ़ एक बड़ी रैली का आयोजन किया गया है. पिछले साल फरवरी में राजा ज्ञानेंद्र ने लोकतांत्रिक सरकार बर्ख़ास्त कर दी थी. | इससे जुड़ी ख़बरें नेपाल में हिंसा, दस की मौत06 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस सरकार ने 'संघर्षविराम' को ख़ारिज किया04 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस 'माओवादियों का सशस्त्र अभियान बंद'03 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस गो हत्या के लिए 12 साल की सज़ा03 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस तलाक़ से जुड़े क़ानून पर फ़ैसले का स्वागत31 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस माधव के घर पर छापे की आलोचना23 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में ताज़ा संघर्ष; कई मारे गए21 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस ग़ायब 'बुद्धावतार' के वीडियो का दावा21 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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