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माधव के घर पर छापे की आलोचना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल के विपक्षी दलों और मानवाधिकार संगठनों ने प्रमुख विपक्षी नेता और नेपाल की कम्युनिस्ट पार्ट के महासचिव माधव नेपाल के घर छापा मारने की आलोचना की है. माधव नेपाल को घर में नज़रबंद रखा गया है और छापे के दौरान उनके घर से संचार उपकरण ज़ब्त कर लिए गए. यूनीफाइड मार्क्ससिस्ट लेनिनिस्ट (यूएमएल) पार्टी के अनुसार पुलिसकर्मियों ने बुधवार को माधव नेपाल के घर पर बिना वारंट दिखाए छापा मारा. उनका कहना है कि पुलिस ने उनका टेलीफ़ोन, कार्डलैस फ़ोन, फैक्स मशीन और कंप्यूटर जब्त कर लिया जिसे उनके परिवार के लोग इस्तेमाल करते थे. कई मानवाधिकार संगठनों और विपक्षी दलों ने सरकार की इस कार्रवाई की आलोचना की है. उन्होंने इसे एक प्रमुख विपक्षी नेता के निजता का उल्लंघन क़रार दिया है. माधव नेपाल पिछले दो महीने से नज़रबंद हैं और उनके टेलीफ़ोन कनेक्शन काट दिए गए हैं. यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पहले से ही नज़रबंद नेता के घर पर छापा क्यों मारा गया. अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है. माधव नेपाल पूर्व उपप्रधानमंत्री हैं और सात विपक्षी दलों के गठबंधन के प्रमुख नेता हैं. विपक्षी दल महाराज ज्ञानेंद्र के सत्ता अपने हाथ में लेने के ख़िलाफ़ राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़े हुए है. विपक्षी दलों ने घोषणा की है कि वह अगले महीने से अपने आंदोलन को तेज़ करेंगे. मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि इस आंदोलन को देखते हुए सरकार की ओर से ऐसे और क़दम उठाए जाने की आशंका है. | इससे जुड़ी ख़बरें नेपाल में ताज़ा संघर्ष; कई मारे गए21 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में माओवादियों की नाकाबंदी 14 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस 'पार्टियाँ राजनीतिक प्रक्रिया फिर शुरू करें'19 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस 'ज्ञानेंद्र निर्वासित होंगे या मुक़दमा चलेगा'13 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस देऊबा छह महीने बाद जेल से रिहा हुए14 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस माओवादियों ने रखा बातचीत का प्रस्ताव07 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में हड़ताल से जनजीवन प्रभावित05 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल नरेश ने कहा, चुनाव नहीं रुकेंगे01 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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