|
नेपाल में हड़ताल से जनजीवन प्रभावित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में माओवादियों के आह्वान पर बुलाई गई सप्ताह भर की हड़ताल के पहले दिन सड़कें सूनी हैं और कामकाज पर असर पड़ा है. नेपाल से आ रही ख़बरों में कहा गया है कि स्कूल और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हैं. यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई है. नेपाल में अधिकारियों ने कहा है कि राष्ट्रव्यापी हड़ताल को देखते हुए नेपाल में कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं. सैनिक सड़कों पर गश्त लगा रहे हैं. लेकिन बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि नेपाल में लोग डरे हुए हैं क्योंकि पहले भी कई मौक़े पर जिसने भी हड़ताल का विरोध किया है, माओवादियों ने बाद में उन्हें सज़ा दी है. हड़ताल का मकसद नेपाल में बुधवार को होने वाले स्थानीय चुनाव में बाधा डालना है. माओवादियों का कहना है कि ये चुनाव राजा ज्ञानेंद्र की स्थिति मजबूत करने के लिए हो रहे हैं. नेपाल के गृह मंत्रालय ने आगाह किया है कि हड़ताल करने वालों के ख़िलाफ़ कड़े कदम उठाए जाएँगे. गृह मंत्रालय ने कहा है कि सार्वजनिक स्थानों पर जाते समय लोग अपना पहचान पत्र साथ लेकर चलें. इसके अलावा लोगों से कहा गया है कि स्थानीय चुनाव होने तक काठमांडू में वे मोटरसाइकल के पीछे सवारी करने से बचें. गृह मंत्रालय ने कहा है कि पूर्व में वाहनों पर सवार माओवादियों ने लोगों पर हमले किए हैं. बहिष्कार नेपाल में होने वाले स्थानीय चुनाव से पहले अब तक दो उम्मीदवारों को मारा जा चुका है जबकि माओवादियों ने एक अन्य उम्मीदवार को घायल कर दिया है. अधिकारियों का कहना है कि इन स्थानीय चुनावों के बाद अगले साल संसदीय चुनाव करवाने का रास्ता साफ़ हो जाएगा. स्थानीय और राष्ट्रीय चुनाव पिछले तीन सालों से होने हैं लेकिन विद्रोहियों के ख़तरे के चलते ये अब तक नहीं हो पाए हैं. नेपाल की मुख्य विपक्षी पार्टियाँ स्थानीय चुनाव का बहिष्कार कर रही हैं. पार्टियों का कहना है कि ये चुनाव ‘अवैध शाही शासन’ को वैधानिक जामा पहनाने की कोशिश है. नेपाल के राजा ज्ञानेंद्र ने पिछले साल फ़रवरी में नेपाल सरकार को बर्ख़ास्त कर सत्ता अपने हाथ में ले ली थी. राजा ज्ञानेंद्र का कहना था कि राजनीतिक पार्टियाँ माओवादी हिंसा ख़त्म करने में नाकाम रही हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें नेपाल में एक और उम्मीदवार की हत्या03 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में विरोध प्रदर्शन और हिंसा01 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल नरेश ने कहा, चुनाव नहीं रुकेंगे01 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस लोकतंत्र बहाली के लिए विरोध प्रदर्शन31 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस सैकड़ों उम्मीदवारों ने मैदान छोड़ा29 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल के चुनाव में उम्मीदवारों की कमी27 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपालगंज में माओवादियों का हमला25 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||