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नेपाल नरेश ने कहा, चुनाव नहीं रुकेंगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र ने कहा है कि वहाँ अगले हफ़्ते होने वाले नगर निगम के विवादित चुनाव रोके नहीं जाएँगे. चुनी हुई सरकार को बर्खास्त कर सत्ता अपने हाथ में ले लेने के एक साल बाद राष्ट्र के नाम संबोधन में उन्होंने कहा है कि देश में लोकतंत्र आगे बढ़ रहा है और लोगों को वोट देना चाहिए. उन्होंने दोहराया है कि संसद के चुनाव अगले साल यानी अप्रैल 2007 में होंगे. इस बीच नेपाल नरेश के सत्ता हथिया लेने के एक साल पूरे होने पर विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे सैकड़ों कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार किया गया है. उल्लेखनीय है कि माओवादियों से निपटने में असमर्थ रहने का आरोप लगाते हुए उन्होंने सरकार को बर्खास्त कर दिया था और सत्ता अपने हाथ में ले ली थी. टेलीविज़न पर दिए गए अपने संबोधन में में नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र ने कहा है कि पिछले 12 महीनों में नेपाल सही रास्ते पर आया है. उन्होंने कहा, "देश में आतंकवादी गतिविधियाँ घटी हैं और अब कुछ आपराधिक घटनाएँ ही हो रही हैं." उन्होंने लोगों से चुनाव में हिस्सा लेने की अपील करते हुए आश्वासन दिया है कि चुनाव निष्पक्ष और साफ़सुथरे होंगे. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि चुनाव ही जनता के अधिकार देने और लोकतंत्र को मज़बूत करने का रास्ता है. नेपाल के प्रमुख विपक्षी दल नगर निगम के चुनावों का विरोध कर रहे हैं और माओवादियों ने भी इन चुनावों का विरोध करते हुए कई उम्मीदवारों पर हमले किए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें लोकतंत्र बहाली के लिए विरोध प्रदर्शन31 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस सैकड़ों उम्मीदवारों ने मैदान छोड़ा29 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल के चुनाव में उम्मीदवारों की कमी27 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस काठमांडू में प्रदर्शन और गिरफ़्तारियाँ जारी24 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस काठमांडू में प्रदर्शन, पुलिस से झड़प21 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में रैली को रोकने के लिए कर्फ़्यू20 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाली विपक्षी दल रैलियाँ करने पर अड़े17 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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