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'पार्टियाँ राजनीतिक प्रक्रिया फिर शुरू करें' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल नरेश ने देश की मुख्य राजनीतिक पार्टियों से कहा है कि वे देश में राजनीतिक प्रक्रिया फिर से शुरू करें. पिछले साल फ़रवरी में सरकार को बर्ख़ास्त कर सत्ता अपने हाथ में लेने के बाद राजा ज्ञानेंद्र ने पहली बार ऐसी अपील की है. नेपाल नरेश ने पिछले साल शेर बहादुर देउबा की सरकार को यह कहते हुए बर्ख़ास्त कर दिया था कि वह माओवादी हिंसा से निपटने में नाकाम रही है. रविवार को की गई अपील में राजा ज्ञानेंद्र ने कहा है कि मतभेदों को दूर करना और आपसी समझ बढ़ाना देश के हित में है. संवाददाताओं के मुताबिक विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने कहा है कि राजा ने ये अपील खुले दिल से नहीं की है. राजा ज्ञानेंद्र ने राजनीतिक प्रकिया शुरू करने की बात राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के मौके पर कही है. 1990 में हुए घटनाक्रम के बाद तत्कालीन नेपाल नरेश को देश में बहुदलीय लोकतांत्रिक प्रणाली शुरू करनी पड़ी थी. इसी दिन को नेपाल में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक दिवस के रूप में मनाया जाता है. | इससे जुड़ी ख़बरें देऊबा छह महीने बाद जेल से रिहा हुए14 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस वीडियोः कैमरे के सामने आए प्रचंड13 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस सरकार को प्रचंड की बातों पर अफ़सोस13 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस 'ज्ञानेंद्र निर्वासित होंगे या मुक़दमा चलेगा'13 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस मतदान ख़त्म, लोगों की हिस्सेदारी कम08 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस माओवादियों ने रखा बातचीत का प्रस्ताव07 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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