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माओवादियों ने रखा बातचीत का प्रस्ताव | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में वरिष्ठ माओवादी नेता प्रचंड ने सरकार के साथ बिना शर्त बातचीत का प्रस्ताव दोहराया है. उन्होंने कहा है कि माओवादी सभी मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार हैं. नेपाल के अख़बार कांतिपुर टाइम्स को दिए इंटरव्यू में प्रचंड ने कहा है कि नए संविधान सभा के गठन के लिए चुनाव पर भी बातचीत हो सकती है जिसका काम नया संविधान बनाना होगा. एक महीने पहले माओवादियों ने एकतरफ़ा संघर्ष विराम को ख़त्म करने का फ़ैसला किया है. माओवादियों के आह्वान पर इस समय नेपाल में हड़ताल चल रही है. जिसका मक़सद नगर-निगम चुनावों का विरोध करना है. कांतिपुर टाइम्स को दिए इंटरव्यू में प्रचंड ने सर्वदलीय सम्मेलन, अंतरिम सरकार और संविधान सभा के चुनाव जैसी अपनी पुरानी मांगो को दोहराया. उन्होंने कहा कि अगर शाही सरकार 'सार्थक बातचीत' के लिए संघर्ष विराम की घोषणा करती है तो माओवादी इसका सकारात्मक जवाब देंगे. लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वे इसकी कम ही संभावना देखते हैं. संघर्ष विराम नेपाल में सरकार ने यह कहते हुए संघर्ष विराम की घोषणा से इनकार किया है कि माओवादी इस अवधि का इस्तेमाल अपने को हथियारबंद करने और एकजुट होने में करते हैं.
पिछले 10 वर्षों के अंदर माओवादी हिंसा में क़रीब 13 हज़ार लोग मारे जा चुके हैं. जिसका मक़सद राजशाही को हटाकर कम्युनिस्ट गणराज्य बनाना है. लेकिन इंटरव्यू में माओवादी नेता प्रचंड ने कहा कि अगर संविधान सभा राजशाही क़ायम रखने का फ़ैसला करती है, तो माओवादी इसे भी स्वीकार करने को तैयार हैं. माओवादी विद्रोहियों और सरकार के बीच बातचीत संविधान सभा के मुद्दे पर पहले भी नाकाम हो चुकी है. सरकार इसके गठन से इनकार करती है. नेपाल में आई कई सरकारों ने भी इस बात पर ज़ोर दिया है कि वे मौजूदा संविधान के पक्ष में हैं जिसमें बहुदलीय लोकतंत्र और संवैधानिक राजशाही को मंज़ूरी दी गई है और कहा गया है कि इसे बदला नहीं जा सकता. इस बीच पूर्वी नेपाल के उदयपुर और पनौती में अलग-अलग घटनाओं में सात सैनिक और पुलिसकर्मी मारे गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि संघर्ष में कई माओवादी विद्रोही भी मारे गए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें नेपाल में हड़ताल जारी, एक की मौत06 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में हड़ताल से जनजीवन प्रभावित05 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में एक और उम्मीदवार की हत्या03 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में विरोध प्रदर्शन और हिंसा01 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में माओवादी हमले, 19 की मौत 01 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल नरेश ने कहा, चुनाव नहीं रुकेंगे01 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस लोकतंत्र बहाली के लिए विरोध प्रदर्शन31 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस सैकड़ों उम्मीदवारों ने मैदान छोड़ा29 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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