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नेपाल में हड़ताल जारी, एक की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में माओवादियों के आहवान पर बुलाई गई सप्ताह भर की हड़ताल सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रही और एक बारूदी सुरंग फटने से एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई. इस बीच माओवादी विद्रोहियों ने एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और चार अन्य लोगों को रिहा कर दिया है. इन लोगों का पिछले सप्ताह अपहरण कर लिया गया था. काठमाँडू से दक्षिण-पश्चिमी में क़रीब 600 किलोमीटर दूर कंचनपुर ज़िले में पुलिसकर्मी सड़क पर लगी एक बाधा दूर कर रहे थे तभी बारूदी सुरंग फट गई जिसमें एक पुलिसर्मी की मौत हो गई. रविवार को पहले दिन हड़ताल के दौरान सड़कें सूनी रहीं और कामकाज पर असर पड़ा. माओवादी विद्रोहियों ने बुधवार को होने वाले स्थानीय चुनाव में बाधा डालने के मक़सद से हड़ताल का आहवान किया है. माओवादियों का कहना है कि ये चुनाव राजा ज्ञानेंद्र की स्थिति मजबूत करने के लिए हो रहे हैं. नेपाल के मुख्य धारा के विपक्षी दलों ने भी इन चुनावों का बहिष्कार किया है. माओवादियों ने धमकी दी है बुधवार के चुनाव में जो भी भाग लेगा, उसे मार दिया जाएगा. प्रमुख शहरों में चुनाव के लिए भारी सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं और गृहमंत्रालय ने चेतावनी जारी की है कि हड़ताल लागू करने का प्रयास करने वाले तत्वों के ख़िलाफ़ सख़्त बल इस्तेमाल किया जा सकता है. इस बीच हड़ताल का असर दूसरे दिन भी दिखा. कॉफ़ी बेचने वाले एक दुकानदार जीवन गिरी का कहना था, "एक दिन का बंद होता तो ज़्यादा फ़र्क नहीं पड़ता लेकिन सात दिन के लिए बंद रखना बहुत मुश्किल है. हम पेट कैसे भरेंगे." अधिकारियों ने लोगों से कहा है कि सफ़र के दौरान अपने पहचान-पत्र साथ रखें. | इससे जुड़ी ख़बरें नेपाल में हड़ताल से जनजीवन प्रभावित05 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में एक और उम्मीदवार की हत्या03 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में विरोध प्रदर्शन और हिंसा01 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल नरेश ने कहा, चुनाव नहीं रुकेंगे01 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस लोकतंत्र बहाली के लिए विरोध प्रदर्शन31 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस सैकड़ों उम्मीदवारों ने मैदान छोड़ा29 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल के चुनाव में उम्मीदवारों की कमी27 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपालगंज में माओवादियों का हमला25 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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