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गेंद नेपाल नरेश के पाले में: कर्ण सिंह | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल के लिए नियुक्त भारत के विशेष दूत डॉक्टर कर्ण सिंह ने कहा है कि मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए नेपाल नरेश को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी. काठमांडू से लौटने के बाद दिल्ली हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए कर्ण सिंह ने कहा कि अब गेंद राजा के पाले में है. कर्ण सिंह ने गुरुवार को नेपाल नरेश से मुलाक़ात की थी. उन्होंने बताया कि नेपाल नरेश के साथ उनकी मुलाक़ात सकारात्मक रही और उन्होंने राजा ज्ञानेंद्र को भारत की चिंता के बारे में अवगत करा दिया है. इस बीच नेपाल में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है. कर्ण सिंह ने राजा के साथ मुलाक़ात में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का पत्र भी उन्हें सौंपा. कर्ण सिंह ने राजा को यह भी संदेश दिया कि भारत नेपाल में बहुदलीय लोकतांत्रिक व्यवस्था को लागू करने के लिए हरसंभव मदद देने के लिए तैयार है. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए शांतिपूर्ण राजनीतिक प्रक्रिया आवश्यक है. कर्ण सिंह ने गुरुवार को नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री सूर्य बहादुर थापा से भी मुलाक़ात की. जबकि बुधवार को कर्ण सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोइराला और शेर बहादुर देउबा से भी बातचीत की थी. | इससे जुड़ी ख़बरें कर्ण सिंह नेपाल मिशन पर19 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में कर्फ़्यू, सरकार की कड़ी चेतावनी19 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में कर्फ़्यू, व्यापक प्रदर्शन की तैयारी19 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में 25 अधिकारी गिरफ़्तार18 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस भारत ने नेपाल को लेकर प्रयास तेज़ किए18 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में खाद्य पदार्थों की कमी17 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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