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नेपाल में एक प्रदर्शनकारी की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में राजा ज्ञानेंद्र के ख़िलाफ़ चल रहे प्रदर्शनों के दौरान शनिवार को पोखरा कस्बे में नेपाली सुरक्षाबलों ने गोलीबारी की जिसमें एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई. पोखरा कस्बे में कर्फ़्यू नहीं लगाया गया है. जिस 32 वर्षीय प्रदर्शनकारी की मौत हुई है उसे सर में गोली लगी और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई. इस घटना में दो लोग घायल भी हुए हैं. प्रदर्शनकारियों ने विरोध जताने के लिए सड़क मार्ग अवरुद्ध कर रखा था और टायर भी जलाए. नेपाल से वरिष्ठ पत्रकार युवराज घिमिरे ने बीबीसी को बताया कि सुरक्षा बलों की क्षमता कम होती दिख रही है क्योंकि उन्हें एक ओर प्रदर्शनकारियों से निपटना पड़ रहा है और दूसरी ओर माओवादी विद्रोहियों के साथ. हड़ताल नेपाल में विपक्षी पार्टियों ने गुरुवार से आम हड़ताल का आह्वान किया हुआ है जो शनिवार को भी हड़ताल जारी रही. फ़रवरी 2005 में राजा ज्ञानेंद्र ने नेपाल सरकार को बर्ख़ास्त कर सत्ता अपने हाथ में ले ली थी. विपक्षी पार्टियाँ इसी के विरोध में प्रदर्शन कर रही हैं. विपक्षी दलों की हड़ताल और विरोध प्रदर्शन को देखते हुए नेपाल सरकार ने राजधानी काठमांडू और आसपास के शहरों में दिन का कर्फ़्यू लगाया हुआ है. इसके अलावा मोबाइल फ़ोन नेटवर्क भी फ़िलहाल बंद कर दिया गया है. अधिकारियों ने सुरक्षाबलों से कर्फ़्यू का उल्लंघन करने वालों को गोली मारने के आदेश दिए हैं. सरकार ने कर्फ़्यू लगाने का आदेश विपक्षी दलों को एक बड़ी रैली आयोजित करने से रोकने के लिए दिया है. इसके बाद नेपाल के वरिष्ठ विपक्षी नेता खड्गप्रसाद ओली ने कहा है कि रैली अब रविवार को होगी. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक ये अभी स्पष्ट नहीं है कि कर्फ़्यू दोबारा लगाया जाएगा या नहीं. इस बीच नेपाली सेना ने कहा है कि उसने पश्चिमी नेपाल में माओवादियों के दो बड़े हमलों को विफल कर दिया है. सेना के मुताबिक इस हमले में 11 माओवादी और तीन सुरक्षाकर्मी मारे गए. | इससे जुड़ी ख़बरें काठमांडू में कर्फ़्यू, मोबाइल फ़ोन बंद08 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में विरोध प्रदर्शनों के दौरान झड़पें07 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में हिंसा, दस की मौत06 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस सरकार ने 'संघर्षविराम' को ख़ारिज किया04 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस 'माओवादियों का सशस्त्र अभियान बंद'03 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस गो हत्या के लिए 12 साल की सज़ा03 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस तलाक़ से जुड़े क़ानून पर फ़ैसले का स्वागत31 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस माधव के घर पर छापे की आलोचना23 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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