BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शुक्रवार, 27 जनवरी, 2006 को 20:30 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
चरमपंथ से निपटने की अमरीकी पेशकश
ढाका
बांग्लादेश में रोक्का की यात्रा का भी विरोध हुआ
अमरीका ने इस्लामी चरमपंथियों से निपटने के लिए बांग्लादेश को सहायता की पेशकश की है. हाल के दिनों में बांग्लादेश में हुए कई बम धमाकों के लिए इस्लामी चरमपंथियों को ही ज़िम्मेदार ठहराया जा रहा है.

पिछले साल अगस्त से इस तरह की घटनाओं में क़रीब 30 लोग मारे जा चुके हैं. बांग्लादेश की यात्रा पर अमरीकी सहायक विदेश मंत्री क्रिस्टीना रोक्का ढाका में बताया कि उन्होंने बांग्लादेश के नेताओं के साथ बातचीत के दौरान ये पेशकश की.

लेकिन क्रिस्टीना रोक्का की यात्रा का बांग्लादेश में विरोध भी हुआ और लोगों ने विरोध में रैलियाँ भी निकालीं.

रोक्का ने बांग्लादेश के राजनेताओं से अपील की कि वे मिलकर काम करें ताकि अगले आम चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हो सकें.

उन्होंने कहा कि 'आतंकवाद' से लड़ना बांग्लादेश के लिए इस समय सबसे बड़ी चुनौती है. पिछले साल अगस्त से बांग्लादेश में कई धमाके हो चुके हैं. इनमें कई आत्मघाती हमले भी शामिल हैं.

ज़िम्मेदार

बांग्लादेश की सरकार ने एक प्रतिबंधित इस्लामी गुट जमात-उल-मुजाहिदीन को धमाकों के लिए ज़िम्मेदार ठहराया था.

रोक्का ने राजनेताओं से अगले चुनाव में भाग लेने की अपील भी की

इन धमाकों के बाद सैकड़ों लोगों की गिरफ़्तारी हो चुकी है लेकिन बम धमाकों की साज़िश रचने वाला कथित व्यक्ति अभी भी फ़रार है.

अमरीकी सहायक विदेश मंत्री क्रिस्टीना रोक्का ने कहा कि अमरीका चाहता है कि बांग्लादेश सरकार इन धमाकों के लिए ज़िम्मेदार लोगों को गिरफ़्तार करे और उन्हें सज़ा दिलाए.

उन्होंने कहा कि बुश प्रशासन ने 'आतंकवाद' से निपटने के लिए सैनिकों को प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता की पेशकश की है. लेकिन उन्होंने इस बारे में विस्तार से जानकारी देने से मना कर दिया.

उन्होंने कहा कि अभी इस पर विचार-विमर्श चल रहा है. अपनी दो दिनों की बांग्लादेश यात्रा के दौरान क्रिस्टीना रोक्का ने कई राजनीतिक दलों के नेताओं से भी मुलाक़ात की और वहाँ की राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी की.

आवामी लीग के नेतृत्व में ज़्यादातर विपक्षी पार्टियों ने अगले आम चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा की है. बांग्लादेश में इस साल अक्तूबर के बाद आम चुनाव होने वाले हैं.

इन विपक्षी पार्टियों की मांग है कि पहले मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाया जाए, फिर वे चुनाव में हिस्सा लेंगे.

क्रिस्टीना रोक्का ने कहा कि लोकतंत्र का समर्थन बुश प्रशासन की प्राथमिकता है और अगले आम चुनाव बांग्लादेश में लोकतंत्र के भविष्य के लिए अहम हैं.

उन्होंने कहा कि सिर्फ़ स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव ही विजेताओं को वैधानिक साबित करेंगे. अभी तक बांग्लादेश सरकार की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

लेकिन सरकार के मंत्री अक्सर ये कहते रहते हैं कि अगले आम चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होंगे.

इससे जुड़ी ख़बरें
बांग्लादेश में बम विस्फोट, छह मरे
08 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस
नेपाल नरेश से क़दम उठाने की अपील
13 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस
पाकिस्तान और क़दम उठाए: मनमोहन
13 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस
'भारत को दोषी ठहराना अनुचित'
02 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>