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नेपाल नरेश से क़दम उठाने की अपील | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दक्षिण एशिया क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) शिखर सम्मेलन के आख़िरी दिन भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रविवार को नेपाल नेरश ज्ञानेंद्र से मुलाक़ात की है. इस बैठक में मनमोहन सिंह ने राजा ज्ञानेंद्र से द्विपक्षीय बातचीत की और उन्हें लोकतंत्र की बहाली के लिए ठोस क़दम उठाने के लिए कहा. भारत के प्रधानमंत्री ने कहा कि ये काम राजनीतिक दलों के बग़ैर नहीं हो सकता. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने बताया कि बैठक सदभावपूर्ण माहौल में हुई. नवतेज सरना के अनुसार राजा ज्ञानेंद्र ने कहा कि वे लोकतंत्र को लेकर प्रतिबद्ध हैं और बहुदलीय लोकतंत्र की बहाली के लिए हरसंभव क़दम उठाने के लिए तैयार हैं. नेपाल नरेश ने भारत के साथ नज़दीकी और दोस्ताना संबंधों की अहमियत पर सहमति जताई. बैठक में कुछ देर के लिए भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन ने भी भाग लिया. 'परोक्ष टिप्पणी' शनिवार को सार्क की बैठक में नेपाल नरेश ने परोक्ष रूप से भारत पर टिप्पणी की थी. उन्होंने भारत को पंचशील की याद दिलाई थी. जानकारों का मानना है कि नेपाल नेरश का इशारा माओवादी समस्या पर दोहरे मापदंड अपनाने की ओर था हालाँकि राजा ज्ञानेंद्र ने भारत का नाम नहीं लिया था. नेपाल नरेश ने दक्षिण एशिया के देशों को याद दिलाया था कि आतंकवाद सीमाएँ नहीं देखता और ये समस्या दूसरे देशों पर भी अपनी छाप छोड़ सकती है. इससे पहले भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन ने गुटनिरपेक्ष देशों के सम्मेलन में राजा ज्ञानेंद्र से मुलाक़ात की थी और नेपाल मे लोकतंत्र बहाली की माँग की थी. भारत ये भी मानता है कि राजा ज्ञानेंद्र उतनी गंभीरता से क़दम नहीं उठा रहे जितने की उनसे अपेक्षा है. सार्क सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत के प्रधानमंत्री ने शनिवार को कहा था कि सदस्य देशों के बीच सीमा पार आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. | इससे जुड़ी ख़बरें सार्क में भी छाया 'आतंकवाद' का मुद्दा12 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस ढाका में सार्क देशों का सम्मेलन शुरु12 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस छावनी में तब्दील हुआ ढाका12 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस भारत अब सार्क बैठक के लिए तैयार24 अप्रैल, 2005 | भारत और पड़ोस भारत के फ़ैसले से बांग्लादेश, पाक नाराज़02 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस सार्क शिखर सम्मेलन फिर स्थगित 02 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस तबाही के कारण सार्क सम्मेलन स्थगित30 दिसंबर, 2004 | भारत और पड़ोस सार्क देशों के लेखकों का सम्मेलन07 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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