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ढाका में सार्क देशों का सम्मेलन शुरु | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दक्षिण एशियाई क्षेत्रिय सहयोग संगठन (सार्क) का शिखर सम्मेलन बांग्लादेश की राजधानी ढाका में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गया है. ढाका में चालीस हज़ार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और शहर के काफ़ी बड़ी भाग में नाके लगा दिए गए हैं. इस बैठक में सातों सार्क देश - भारत, पाकिस्तान, मॉलदीव, श्रीलंका, भूटान और नेपाल भाग ले रहे हैं. शिखर सम्मेलन की शुरुआत करते हुए बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया ने कहा, "दक्षिण एशिया के सामने चुनौती ये है कि वह विकास की सभी संभावनाओं का फ़ायदा उठाए. क्षेत्रिय सहयोग के रास्ते में जो अड़चनें हैं वह बीते समय में एक दूसरे के बारे में बनाए गए विचारों पर निर्धारित हैं. " सार्क सम्मेलन में इस बार जो प्रमुख मुद्दे हैं उनमें आतंकवाद का सामना करना और आर्थिक सहयोग बढ़ाकर ग़रीबी से निपटना शामिल हैं. पिछले साल के अंत में सुनामी से हुई तबाही और फिर भारतीय और पाकिस्तानी कश्मीर में आए भूकंप के बाद ऐसी आपदाओं सार्क देश संयुक्त तौर पर एक क्षेत्रिय केंद भी स्थापित करने चाहते हैं जो प्राकृतिक आपदाओं की जानकारी दे और इनसे निपटे. समाचार हैं कि सार्क की बैठक के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ से भी सीधी बातचीत होगी. सार्क विदेश मंत्रियों की शुक्रवार को हुई बैठक में सम्मेलन के दौरान पारित किए जाने वाले घोषणापत्र को अंतिम रूप दिया गया. भारत सार्क के जरिए आतंकवाद के विरुद्ध एक कड़ा संदेश देना चाहता है और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि दक्षिण एशिया में 'आतंकवाद' और ग़रीबी के विरुद्ध लड़ाई बांटी नहीं जा सकती. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत अब सार्क बैठक के लिए तैयार24 अप्रैल, 2005 | भारत और पड़ोस भारत के फ़ैसले से बांग्लादेश, पाक नाराज़02 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस सार्क शिखर सम्मेलन फिर स्थगित 02 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस तबाही के कारण सार्क सम्मेलन स्थगित30 दिसंबर, 2004 | भारत और पड़ोस सार्क देशों के लेखकों का सम्मेलन07 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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