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'भारत को दोषी ठहराना अनुचित' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना का कहना है कि अगस्त में बांग्लादेश में हुए बम धमाकों के मामले में भारत को घसीटना अनुचित है. भारत दौरे पर आईं शेख़ हसीना ने कहा कि बांग्लादेश सरकार ये कह चुकी है कि इन धमाकों के लिए चरमपंथी संगठन ज़िम्मेदार हैं. उनका कहना था कि बांग्लादेश रायफ़ल्स के महानिदेशक भारत को क्यों दोषी ठहरा रहे हैं. शेख़ हसीना ने कहा कि उनकी सरकार ने भारत के साथ संबध सुधारने को विशेष महत्व दिया था लेकिन मौजूदा सरकार उस प्रकिया को आगे नहीं बढ़ा पाई है. आपसी संबंध शेख़ हसीना ने कहा कि बांग्लादेश की सीमा से लगे भारत के पूर्वी राज्यों से रिश्ते बढ़ाने पर भी उनकी सरकार ने ख़ास ज़ोर दिया था. उनका कहना था कि भारत ने बांग्लादेश की आज़ादी की लड़ाई में काफ़ी समर्थन दिया था और उसके साथ संबधों को बिगड़ने नहीं दिया जाना चाहिए. शेख़ हसीना ने कहा कि ग़रीबी भारतीय उपमहाद्वीप की मुख्य समस्या है और भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश को मिलकर इससे लड़ना चाहिए. अपने दौरे के तहत बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री ने बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य से मुलाक़ात की. ढाका रवाना होने से पहले वे वरिष्ठ नेता ज्योति बसु से भी मिलीं. रविवार को हुई इस मुलाक़ात में उन्होंने गंगा नदी जल के बटवारे की समस्या सुलझाने में ज्योति बसु के योगदान को याद किया. जब वे 1996 में सत्ता में आईं थीं तो गंगा जल बटवारे का मुद्दा सुलझाने के लिए सबसे पहले उन्होंने अपने विदेश मंत्री को उस समय के बंगाल के मुख्यमंत्री ज्योति बसु से मिलने भेजा था. |
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