| 'धमाके करवाने का आरोप निराधार' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश में 17 अगस्त को हुए बम धमाकों में कुछ भारतीय नागरिकों का हाथ होने के आरोप पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है. बांग्लादेश रायफ़ल्स के महानिदेशक ने भारत पर आरोप लगाया है कि बांग्लादेश में 17 अगस्त को हुए बम धमाकों में कुछ भारतीय नागरिकों का हाथ था. भारतीय विदेश मंत्रालय की एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि "बांग्लादेश रायफ़ल्स के महानिदेशक के इस बयान से भारत को काफ़ी निराशा हुई है." विज्ञप्ति में कहा गया है कि ये आरोप निराधार है. ये हैरत में डालना वाला आरोप है क्योंकि ये एक मित्र देश के ख़िलाफ़ लगाया गया है. बांग्लादेश रायफ़ल्स (बीडीआर) के महानिदेशक एमजे चौधरी ने भारतीय सीमा सुरक्षाबल के साथ हुए संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि 17 अगस्त को बांग्लदेश में हुए धमाकों के लिए कुछ हथियार और विस्फोटक भारत से आए थे. हालांकि भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़) प्रमुख आरएस मूसाहारी ने तत्काल इस बात का खंडन किया. इसके ठीक विपरीत भारतीय पक्ष का यह कहना था कि भारत में हिंसक गतिविधियाँ करने वाले चरमपंथियों को बांग्लादेश में पनाह मिल रही है. ग़ौरतलब है कि अगस्त में बांग्लादेश के 50 से ज़्यादा ज़िलों में लगभग 400 धमाके हुए थे. भारत और बांग्लादेश सीमा समन्वय पर बातचीत शुक्रवार को सम्पन्न हुई और कहा तो जा रहा है कि दोनों पक्ष बातचीत से ख़ुश हैं और भविष्य को लेकर आशांवित हैं. असहमति लेकिन कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बांग्लादेश राइफल्स और बीएसएफ़ में मतभेद बरक़रार हैं और सीमा पर बाड़ लगाने जैसे मुद्दों पर कोई सहमति नहीं हो पाई. बीएसएफ़ को चरमपंथियों के 172 शिविरों के पते भी दिए हैं और कहा है कि इस पर बीडीआर को कार्रवाई करनी चाहिए. बीएसएफ़ ने यह भी कहा है कि इस वर्ष 16 अप्रैल को जब बीएसएफ़-बीडीआर के बीच बातचीत चल रही थी तब बीएसएफ़ के एक जवान को बेदर्दी से मारा गया था. भारत द्वारा सीमा पर बाड़ लगाने का मामला भी कुछ माह से विवादास्पद रहा है, क्योंकि बांग्लादेश का दावा है कि ठीक सीमा पर बाड़ या किसी प्रकार का निर्माण 1975 के सीमा संबंधी समझौते का उल्लंघन है. भारत का कहना है कि बाड़ सिर्फ़ ग़ैरक़ानूनी रूप से लोगों की आवाजाही रोकने, तस्करी और सीमा पर अपराधों को रोकने के लिए लगाई जा रही है. बांग्लादेश और भारत के संबंध पिछले कुछ वर्षों में काफी तनावपूर्ण रहे हैं. बांग्लादेश में पिछले आम चुनावों में भारत-विरोधी भावना भी एक मुद्दा था और वहाँ वर्तमान सरकार के आने के बाद भी संबंध बेहतर नहीं हुए हैं. हालाँकि पिछले माह विदेश मंत्री नटवर सिंह बांग्लादेश गए थे लेकिन इस घटना से एक बार फिर साफ़ हो गया है दोनों देशों के संबंध सहज नहीं हैं. |
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