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अवैध आप्रवासियों के मुद्दे पर बैठक होगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और बांग्लादेश अवैध तरीक़े से बांग्लादेश से भारत आ रहे लोगों के मुद्दे पर एक उच्च स्तरीय बैठक करेंगे. ये फ़ैसला भारतीय विदेश मंत्री नटवर सिंह और बांग्लादेश के विदेश मंत्री मुर्शीद ख़ान की ढाका में हुई बैठक में लिया गया. फ़िलहाल ये स्पष्ट नहीं है कि इस प्रस्तावित बैठक में कौन भाग लेंगे और ये कब होगी. भारत का आरोप है कि कम से कम तीस लाख बांग्लादेशी भारत में अवैध तरीक़े से रह रहे हैं. उधर बांग्लादेश के विदेश सचिव हिमायतुद्दी ने दोहराया कि उनकी सरकार नहीं मानती कि कोई बांग्लादेशी भारत में अवैध तरीक़े से रह रहा है. भारतीय विदेश मंत्री नटवर सिंह का कहना था कि उन्होंने सुझाया कि मल्टिपल एंट्री वीज़ा शुरु होना चाहिए, यात्रा कर लगाना बंद करना चाहिए और दोनो देशों के बीच सड़क के ज़रिए बस यातायात बढ़ना चाहिए. भारत के विदेश सचिव श्याम सरन का कहना था कि उन्होंने सुझाया कि दोनो देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि होनी चाहिए. भारत ने संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के दावे के लिए बांग्लादेश का समर्थन भी माँगा है. |
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