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'बांग्लादेशियों को अब ज़्यादा वीज़ा' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के विदेश राज्यमंत्री ई अहमद ने कहा है कि भारत बांग्लादेशियों को ज़्यादा से ज़्यादा वीज़ा देगा ताकि दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ सके. उन्होंने यह जानकारी बांग्लादेश के विदेश सचिव मोहम्मद हिमायतुद्दीन को दी है. मोहम्मद हिमायतुद्दीन भारत और बांग्लादेश के विदेश सचिवों के बीच हो रही दो दिन की बैठक में शामिल होने के लिए आए हैं. इस बैठक में सीमा, सुरक्षा और जल संसाधनों के बँटवारे को लेकर बातचीत होने की संभावना है. भारतीय प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व भारत के विदेश सचिव श्याम सरन कर रहे हैं जबकि बांग्ला देश के प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व बांग्लादेश के विदेश सचिव मोहम्मद हेमायातुद्दीन कर रहे हैं. दोनों देशों के बीच 15 महीनों बाद कोई बैठक हो रही है. इस बैठक के औपचारिक रुप से शुरु होने से पहले दोनों विदेश सचिवों की सोमवार को अनौपचारिक मुलाक़ात हो चुकी है. संभावना है कि इस बैठक में भारत पूर्वात्तर राज्यों के चरमपंथियों का मसला भी बांग्लादेश के सामने उठाएगा. उल्लेखनीय है कि भारत आरोप लगाता रहा है कि बांग्लादेश पूर्वोत्तर के चरमपंथियों को शरण दे रहा है. लाखों वीज़ा मोहम्मद हिमायतुद्दीन मंगलवार को भारत के विदेश राज्य मंत्री से 20 मिनट मिले. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार ई अहमद ने कहा है कि बांग्लादेश भारत का एक बड़ा और नज़दीकी सहयोगी है. उन्होंने कहा है कि भारत चाहता है कि दोनों देशों के बीच संपर्क लगातार बढ़े. विदेश राज्य मंत्री ने आश्वासन दिया है कि इसके लिए भारत अधिक से अधिक लोगों को वीज़ा देगा भले ही यह संख्या लाखों में पहुँच जाए. समाचार एजेंसी के अनुसार बांग्लादेश में भारत की अच्छी छवि है क्योंकि भारत हमेशा बांग्लादेश की मदद करता रहा है. |
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