BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
रविवार, 13 नवंबर, 2005 को 15:56 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
पाकिस्तान और क़दम उठाए: मनमोहन
मनमोहन सिंह और शौकत अज़ीज़
मनमोहन सिंह ने कहा कि पाकिस्तान और क़दम उठाए
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि सीमा पार आतंकवाद को रोकने के लिए पाकिस्तान को और क़दम उठाने की आवश्यकता है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ की इस बात से सहमति व्यक्त की कि दोनों देशों के बीच भरोसा कम है.

दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) शिखर सम्मेलन के बाद संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, "यह सच है कि दोनों देशों के बीच भरोसा कम है. अब ये हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम इस कमी को दूर करें."

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि जनवरी 2004 में पाकिस्तान ने ये भरोसा दिलाया था कि उसकी ज़मीन का इस्तेमाल भारत के ख़िलाफ़ गतिविधियों के इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा.

उन्होंने कहा कि गतिविधियों में कमी तो आई है लेकिन हमारा मानना है कि इस दिशा में जितना काम होना चाहिए था उतना नहीं हुआ है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का ये बयान ऐसे समय आया है जब दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि उसने दिल्ली बम धमाके के एक प्रमुख संदिग्ध को पकड़ लिया है और धमाकों के पीछे लश्कर-ए-तैयबा का हाथ है.

दिल्ली धमाका

प्रधानमंत्री ने उन सवालों के जवाब नहीं दिए कि क्या दिल्ली धमाकों के पीछे पाकिस्तान का हाथ होने के किसी तरह के सबूत मिले हैं.

 हमने भारत सरकार से सहायता की पेशकश की थी. लेकिन उन्होंने कहा कि जाँच पूरी होने के बाद अगर नियंत्रण रेखा या सीमा पार के किसी गुट के हाथ होने की बात आई तो वे हमें बताएँगे. हम एक क़दम आगे जाकर उनकी सहायता के लिए तैयार हैं ताकि भरोसे का माहौल तैयार हो
शौकत अज़ीज़, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री

उन्होंने इतना ज़रूर कहा कि जाँच जारी है और संकेत ये मिले हैं कि इनके पीछे विदेशी चरमपंथी गुटों का हाथ हो सकता है.

दूसरी ओर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ ने कहा है कि पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद की निंदा की है और उसने दिल्ली धमाके के ज़िम्मेदार लोगों को पकड़ने के लिए भारत के सामने सहायता की पेशकश भी की थी.

शौकत अज़ीज़ ने कहा, "हमने भारत सरकार से सहायता की पेशकश की थी. लेकिन उन्होंने कहा कि जाँच पूरी होने के बाद अगर नियंत्रण रेखा या सीमा पार के किसी गुट के हाथ होने की बात आई तो वे हमें बताएँगे. हम एक क़दम आगे जाकर उनकी सहायता के लिए तैयार हैं ताकि भरोसे का माहौल तैयार हो."

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ ने सार्क सम्मेलन के दौरान अलग से आधे घंटे तक आपस में बातचीत की.

इससे जुड़ी ख़बरें
ढाका में सार्क सम्मेलन आज से
12 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस
भारत अब सार्क बैठक के लिए तैयार
24 अप्रैल, 2005 | भारत और पड़ोस
सार्क शिखर सम्मेलन फिर स्थगित
02 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस
तबाही के कारण सार्क सम्मेलन स्थगित
30 दिसंबर, 2004 | भारत और पड़ोस
सार्क देशों के लेखकों का सम्मेलन
07 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>