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बांग्लादेश में हड़ताल, झड़पों में 100 घायल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश में विपक्षी पार्टियों के आह्वान पर बुलाई गई आम हड़ताल के चलते देश के ज़्यादातर हिस्सों में जनजीवन ठप्प रहा. पुलिस और विपक्षी पार्टियों के समर्थकों के बीच झड़पें हुईं जिसमें 100 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं. अवामी लीग की अगुआई में 14 पार्टियों के गठबंधन ने हड़ताल का आह्वान किया था. इन पार्टियों की माँग है कि बांग्लादेश के चुनाव आयोग में सुधार किए जाएँ और तीन चुनाव अधिकारी अपने पद से इस्तीफ़ा दें. पार्टियों का कहना है कि ये अधिकारी मतदाता सूची में फेरबदल कर सरकार को फ़ायदा पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं. बांग्लादेश में रविवार को छुट्टी नहीं रहती लेकिन हड़ताल के चलते सड़कों पर काफ़ी कम बसें और वाहन देखने को मिले. बांग्लादेश में हड़ताल होना आम सी बात है और हिंसा की आशंका के चलते कई लोग घरों में ही रहते हैं. शनिवार को विपक्षी कार्यकर्ताओं को तितर बितर करने के लिए पुलिस को आँसु गैस छोड़ने पड़ी थी. इस दौरान कम से कम 25 लोग घायल हुए थे. ये लोग ढाका शहर में रविवार की हड़ताल के लिए समर्थन जुटाने का प्रयास कर रहे थे. बांग्लादेश में अगले साल आम चुनाव होने हैं. चुनाव करवाने की प्रकिया पर विवाद के चलते विपक्षी पार्टियों ने इनके बहिष्कार की धमकी दी है. बांग्लादेश सरकार का कहना है कि अवामी लीग और उसकी सहयोगी पार्टियाँ चुनाव में हिस्सा न लेने के लिए बहाने की तलाश में हैं क्योंकि ये पार्टियाँ जानती हैं कि वे चुनाव में हार जाएँगी. | इससे जुड़ी ख़बरें बांग्लादेश में बम विस्फोट, छह मरे08 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस जमातुल मुजाहिदीन के सदस्यों की तलाश30 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान बना सार्क सदस्य13 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'भारत को दोषी ठहराना अनुचित'02 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश सरकार को राहत, फ़ैसले पर रोक31 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस विपक्ष का बंद जारी, बांग्लादेश में तनाव29 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश: विपक्ष के बंद का व्यापक असर 28 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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