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अफ़ग़ानिस्तान बना सार्क सदस्य | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश में दक्षिण एशियाई देशों का सम्मेलन ख़त्म हो गया है. सार्क सम्मेलन के आख़िरी दिन अफ़ग़ानिस्तान को सार्क सदस्य बनाए जाने का फ़ैसला किया गया है. भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि ये सम्मेलन कई अहम फ़ैसलों के लिए याद रखा जाएगा. अफ़ग़ानिस्तान को शामिल किए जाने पर उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान का सार्क में स्वागत करते हुए उन्हें बेहद खुशी हो रही है. उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान और बाकी एशियाई देशों के बीच संबंधों का लंबा इतिहास रहा है. जापान और चीन को पर्यवेक्षक का दर्जा दिए जाने पर उन्होंने कहा कि इस बारे में सार्क की स्थाई परिषद चर्चा करेगी. मनमोहन सिंह ने कहा कि सीमा शुल्क में दोहरा कर देने से बचने के मुद्दे और सार्क आरबिट्रेशन काउंसिल बनाने का फ़ैसला किया गया है. भारतीय प्रधानमंत्री ने बताया कि सभी सदस्य देशों के लिए वीज़ा नियमों में भी नरमी बरते जाने पर सहमति हुई है ताकि लोग आसानी से आ जा सकें. दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार क्षेत्र यानी साफ़्टा के बारे में मनमोहन सिंह ने कहा कि इस ओर तेज़ी से काम करने की ज़रूरत है. उनका कहना था कि सब को सामूहिक प्रयास करना चाहिए ताकि एक जनवरी 2006 से साफ़्टा लागू हो जाए. | इससे जुड़ी ख़बरें सार्क में भी छाया 'आतंकवाद' का मुद्दा12 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस ढाका में सार्क देशों का सम्मेलन शुरु12 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस छावनी में तब्दील हुआ ढाका12 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस भारत अब सार्क बैठक के लिए तैयार24 अप्रैल, 2005 | भारत और पड़ोस भारत के फ़ैसले से बांग्लादेश, पाक नाराज़02 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस सार्क शिखर सम्मेलन फिर स्थगित 02 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस तबाही के कारण सार्क सम्मेलन स्थगित30 दिसंबर, 2004 | भारत और पड़ोस सार्क देशों के लेखकों का सम्मेलन07 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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