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विपक्ष का बंद जारी, बांग्लादेश में तनाव | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश में प्रमुख विपक्षी पार्टी अवामी लीग के बंद के दूसरे दिन सुरक्षा इंतज़ाम कड़े कर दिए गए हैं. किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचने के लिए राजधानी ढाका में दंगा निरोधक सुरक्षा दस्ते तैनात कर दिए गए हैं. बंद के असर से देश के ज़्यादातर स्कूल और व्यापारिक संस्थान बंद रहे और यातायात ठप्प हो गया है. दो दिन का ये बंद इस साल का आठवाँ ऐसा बंद है. इसकी घोषणा अवामी लीग ने जल्दी चुनाव कराए जाने के मक़सद से की है. अवामी लीग ने ख़ालिदा ज़िया की सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उससे शुक्रवार तक इस्तीफ़ा देने की माँग की है. सरकार विरोधी आंदोलन सरकार ने साफ़ कहा है कि अगले चुनाव 2006 में निर्धारित हैं और तब तक इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं उठता. ढाका में कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बीच, बंद का ऐलान करने वाले विपक्षी कार्यकर्ताओं ने लोगों को केवल रिक्शे में आने-जाने की अनुमति दी है. समाचार एजेंसी एपी के अनुसार पुलिस ने अवामी लीग के मुख्यालय के बाहर और ढाका के दूसरे इलाक़ों में अवरोधक लगे हैं जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं को सड़कों पर उतरकर उत्पात करने से रोका जा सके. हालाँकि किसी भी हिंसक घटना की ख़बर नहीं है. उधर अवामी लीग के महासचिव अब्दुल जलील ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, "ये बंद विपक्ष के लोकतांत्रिक तरीक़े से सरकार बदलने के प्रयासों में मील का पत्थर साबित होगा." अवामी लीग ने चेतावनी दी है कि या तो सरकार शुक्रवार तक गद्दी छोड़ दे या फिर एक `बड़े जन आंदोलन' का सामना करने के लिए तैयार रहे. उल्लेखनीय है कि इस बंद को विफल करने के लिए सरकार ने पिछले कुछ दिनों में 7000 से ज़्यादा विपक्षी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है. बांग्लादेश के हाईकोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गिरफ़्तार किए गए लोगों की पूरी जानकारी तीन हफ्ते के अंदर सामने लाई जाए. साथ ही कोर्ट ने इन गिरफ़्तारियों को असांवैधानिक मानते हुए सरकार को कारण-बताओ नोटिस जारी किया है. |
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