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'अल क़ायदा के तीन सदस्य मारे गए' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि पिछले सप्ताह बाजौर इलाक़े में अमरीकी मिसाइल हमले में अल क़ायदा के तीन सदस्य मारे गए. अधिकारियों के अनुसार इनमें से एक मिदहत मुरसी थे, जो विस्फोटकों के विशेषज्ञ माने जाते थे. उनकी ग़िरफ़्तारी पर 50 लाख डॉलर का ईनाम भी रखा गया था. रिपोर्ट ये भी है कि अल क़ायदा में नंबर दो ऐमन अल ज़वाहिरी नहीं बल्कि उनके एक दामाद इस हमले में मारे गए हैं. अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से लगे दमादौला गाँव में पिछले हफ़्ते अमरीकी हमले में 18 लोग मारे गए थे. पाकिस्तान ने इस हमले की निंदा की थी और अमरीकी राजदूत को बुलाकर अपनी शिकायत दर्ज की. पाकिस्तानी ख़ुफ़िया सूत्रों से मिली रिपोर्टों के अनुसार अमरीकी हमले में मारे गए अन्य दो लोग हैं- ज़वाहिरी के दामाद अब्दुल रहमान अल मिसरी अल मग़रिबी और अबू ओबैदाह अल मिसरी. कहा जा रहा है कि हमले में अल क़ायदा का एक और सदस्य मारा गया है लेकिन उसकी पहचान नहीं हो पाई है. वर्ष 2001 में अफ़ग़ानिस्तान पर अमरीकी कार्रवाई के बाद से ही अल क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन और ऐमन अल ज़वाहिरी की तलाश जारी है लेकिन दोनों अभी तक पकड़ में नहीं आए हैं. ज़वाहिरी पर दो करोड़ 50 लाख डॉलर का ईनाम रखा गया है. बीबीसी के सुरक्षा मामलों के संवाददाता गॉर्डन कुरेरा का कहना है कि ज़वाहिरी को अल क़ायदा नेटवर्क का दिमाग़ माना जाता है. पिछले एक साल के दौरान ज़वाहिरी के कई वीडियो और ऑडियो टेप आए हैं लेकिन इस दौरान लादेन को न देखा गया है और न ही सुना ही गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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