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पाकिस्तान में हमले के ख़िलाफ़ प्रदर्शन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान-अफ़ग़ान सीमा के पास पाकिस्तान में स्थित एक गाँव पर हुए हवाई हमले के ख़िलाफ़ वहाँ कई जगह रोष प्रदर्शन हुए हैं. अल क़ायदा के दूसरे नंबर के नेता अयमन अल ज़वाहिरी को निशाना बनाकर किए गए हमले में कम से कम 18 आम नागरिक मारे गए. पाकिस्तान की सरकार ने इस हमले की न केवल निंदा की है बल्कि औपचारिक तौर पर अमरीका से विरोध भी दर्ज कराया और पाकिस्तान में अमरीकी राजदूत को विदेश मंत्रालय में तलब किया. कराची में हज़ारों लोगों ने रोष प्रदर्शन में भाग लिया और अमरीका विरोधी नारे लगाए. कई अन्य जगह पर भी प्रदर्शन हुए. 'रिश्तों पर असर नहीं' अमरीका ने इस घटना पर कोई औपचारिक टिप्पणी नहीं की है. पाकिस्तान ने कहा है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि उस इलाक़े में अयमन ज़वाहिरी मौजूद थे. स्थानीय नागरिकों का भी कहना है कि उन्होंने किसी बाहर के व्यक्ति को शरण नहीं दी. उधर पाकिस्तान के सूचना मंत्री शेख़ रशीद अहमद का कहना था कि चाहे उनकी सरकार मानती है कि अमरीका इस हमले कि लिए ज़िम्मेदार है, लेकिन इस घटना से दोनो देशों के रिश्तों पर कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें अल ज़वाहिरी की चिट्ठी पकड़ने का दावा07 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना अल-क़ायदा ने हमले कराए थे: ज़वाहिरी19 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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