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हमले का विरोध जारी, अमरीका अटल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में पिछले कुछ दिनों से अमरीका के प्रति बढ़ते असंतोष के बीच अमरीका सरकार ने आतंकवाद का सामना करने की अपनी नीति का बचाव किय है. पिछले शुक्रवार को पाकिस्तान में अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर स्थित एक गाँव पर हुए हवाई हमले में 18 आम लोग मारे गए थे. हमले के कारण को लेकर अभी भी औपचारिक तौर पर कुछ नहीं बताया गया है लेकिन मीडिया में ऐसी ख़बरें आई हैं कि इसका निशाना अल क़ायदा में दूसरे नंबर के नेता अयमन अल ज़वाहिरी थे. पाकिस्तान ने इस घटना के बाद अमरीका सरकार से औपचारिक तौर पर विरोध जताया है. लेकिन अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने अभी ये स्पष्ट नहीं कहा है कि हमला अमरीका ने किया या नहीं. मगर उन्होंने अल क़ायदा के विरूद्ध अपनी नीति का बचाव करते हुए कहा कि कड़े क़दम उठाना आवश्यक है क्योंकि अल क़ायदा के सदस्य और उन्हें समर्थन देनेवाले लोगों के साथ नरमी नहीं बरती जा सकती. राइस ने कहा,"हम पाकिस्तान के साथ सहयोग जारी रखेंगे और उनकी चिंताओं को समझने की कोशिश करेंगे". विरोध इस बीच पाकिस्तान में धार्मिक और विपक्षी पार्टियों के बाद अब सत्ताधारी पार्टी मुस्लिम लीग ने भी कथित तौर पर अमरीका के हमले की निंदा की है. पार्टी ने एक बयान जारी कर कहा,"पाकिस्तान मुस्लिम लीग अपने देश की संप्रभुता पर ऐसी शक्तियों के हमले का विरोध करता है जिन्हें पाकिस्तान अपना दोस्त और सहयोगी समझता है". पीएमएल ने चेतावनी दी कि ऐसे भड़काऊ हमलों से अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद की रोकथाम के लिए जारी साझा प्रयासों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा. वहीं पाकिस्तान के विपक्षी राजनीतिक दलों और धार्मिक पार्टियों ने दामादौला गाँव पर हुए हमले का विरोध जताने के लिए पूरे देश में विरोध दिवस मनाया है. पाकिस्तान के सांसदों ने साथ ही इस बारे में चर्चा के लिए संसद का एक विशेष सत्र बुलाने की माँग की है. | इससे जुड़ी ख़बरें | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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