|
हमले में कनाडा के राजनयिक की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कनाडा के अधिकारियों ने कहा है कि रविवार सुबह अफ़ग़ानिस्तान में हुए बम हमले में उनके एक वरिष्ठ राजनयिक की मौत हो गई है. अफ़ग़ानिस्तान में रविवार सुबह कंदहार के पास कनाडा के एक सैनिक काफ़िले पर आत्मघाती कार बम हमला हुआ जिसमें दो अफ़ग़ान व्यक्ति और कनाडा का एक नागरिक मारे गए. कनाडा सरकार ने अब कहा है कि मारे गए उनके नागरिक का नाम ग्लिन बेरी है जो विदेश मामलों के विभाग में राजनीतिक निदेशक थे. हमले में कनाडा के तीन सैनिकों समेत 12 लोग घायल हुए. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जब सैन्य काफ़िला उस इलाक़े से गुज़र रहा था तो एक वाहन में धमाका हुआ. तालेबान के एक प्रवक्ता का कहना था कि उनके संगठन ने ये हमला किया. नौटो यानि उत्तर अटलांटिक सैन्य संधि संगठन अपने शांति रक्षकों को अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी प्रांतों में तैनात करने पर विचार कर रहा है. तालेबान लड़ाकों ने हाल में विदेशी सैनिकों और अफ़ग़ान सेना के ख़िलाफ़ अपने हमले तेज़ कर दिए हैं. विद्रोहियों से झड़प उधर अमरीकी सेना के अनुसार शुक्रवार को उरुज़गान प्रांत में उसके सैनिकों और अफ़ग़ान सुरक्षा बलों ने देश के दक्षिणी भाग में छह संदिग्ध चरमपंथियों को मार दिया था. दोनो पक्षों के बीच झड़प तब हुई जब कुछ बंदूकधारियों ने अमरीकी और अफ़ग़ान फ़ौजियों की संयुक्त दल पर गोलियाँ चलाईं. बताया गया कि कई विद्रोहियों इस झड़प में बच निकले और उस क्षेत्र से भाग गए. महत्वपूर्ण है कि ये लड़ाई उस जगह पर हुई है जहाँ नैदरलैंड एक नैटो अभियान के तहत अपने 1400 सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें पाक सेना: 17 संदिग्ध चरमपंथी मारे गए 17 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस 'दक्षिणी वज़ीरिस्तान चरमपंथियों से मुक्त'28 मई, 2005 | भारत और पड़ोस वज़ीरिस्तान में सेना का ताज़ा अभियान09 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||