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अमरीकी हमले पर पाकिस्तान की चेतावनी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ ने कहा है कि उनका देश एक गाँव पर हुए अमरीकी हवाई हमले जैसी घटना को दोबारा स्वीकार नहीं कर सकता. अमरीकी कार्रवाई में 18 लोग मारे गए थे. पाकिस्तान सरकार ने इस बात पर भी ज़ोर दिया है कि शुक्रवार को हुई अमरीकी कार्रवाई से पहले अमरीका को कोई ख़ुफ़िया जानकारी नहीं दी गई थी. अमरीकी मीडिया रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि अमरीका ने इस हमले में अल क़ायदा में नंबर दो ऐमन अल ज़वाहिरी को निशाना बनाया था. इस बीच पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर स्थित बाजौर के अधिकारियों ने कहा है कि शुक्रवार को हुए अमरीकी हमले में क़रीब पाँच विदेशी चरमपंथी मारे गए थे. बजौर के दमादौला गाँव में हुए अमरीकी हवाई हमले में 18 लोगों की मौत हो गई थी. अभी तक व्हाइट हाउस ने इस हवाई हमले के विवरण पर टिप्पणी नहीं की है. हालाँकि पहले से ही अमरीका का ये मानना है कि अल क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन और ऐमन अल ज़वाहिरी पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान के सीमावर्ती इलाक़े में छिपे हैं. 'अनदेखी नहीं' मंगलवार को कैबिनेट की बैठक के बाद प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ ने कहा, "हमारे देश के अंदर हुई ऐसी घटना को हम स्वीकार नहीं कर सकते. अमरीका के साथ हमारे रिश्ते महत्वपूर्ण हैं. हमारे संबंध आगे बढ़ रहे हैं. लेकिन हम ऐसी कार्रवाई की अनदेखी नहीं कर सकते." एक सरकारी प्रवक्ता ने पत्रकारों को बताया कि प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ अगले सप्ताह अपने वॉशिंगटन दौरे में यह मामला अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के साथ उठाएँगे. शुक्रवार को बाज़ौर के दमादौला गाँव में हुए अमरीकी हमले के बाद शुरुआती रिपोर्टों में यह कहा गया था कि अल क़ायदा चरमपंथियों के संदिग्ध ठिकाने पर मिसाइल हमला हुआ है और ऐमन अल ज़वाहिरी भी वहाँ थे. लेकिन बाद में यह रिपोर्ट ग़लत साबित हुई. इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता ज़फ़र अब्बास का कहना है कि अमरीकी कार्रवाई के कारण राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ पर घरेलू दबाव बढ़ गया है. अमरीका के साथ क़रीबी रिश्ते रखने के कारण राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की पहले से ही आलोचना होती रही है. पाकिस्तान के सूचना मंत्री शेख़ रशीद अहमद ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि ये हमला अमरीकी सेना ने ही किया है.
उन्होंने कहा कि पश्चिमी मीडिया में इस तरह की रिपोर्टें आ रही हैं कि पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी की सहायता से ही अमरीका ने बमबारी की थी, जो पूरी तरह आधारहीन हैं. इस बीच बाजौर के अधिकारियों ने कहा है कि दमादौला गाँव पर हुए हमले में '18 निर्दोष स्थानीय लोग' मारे गए. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि हमले में क़रीब पाँच विदेशी चरमपंथी भी मारे गए थे, लेकिन उनके शव वहाँ से हटा दिए गए. अधिकारियों के मुताबिक़ हमले से पहले उस गाँव में 10 से 12 'विदेशी चरमपंथी' थे. लेकिन बयान में किसी का नाम नहीं लिया गया है और न ही ऐमन अल ज़वाहिरी का ही उल्लेख है. अमरीका के आतंकवाद निरोधक अधिकारी हेनरी क्रॉम्पटन ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि यह संदेह है कि अल क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन और ऐमन अल ज़वाहिरी के पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान के सीमावर्ती इलाक़ों में रह रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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