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उमा भारती करेंगी जनादेश यात्रा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी से निष्कासित नेता उमा भारती ने अयोध्या में सरयू नदी में स्नान करने के बाद संकल्प लिया कि वे भाजपा के सूत्रों के आधार पर काम करेंगी. ये स्वाभिमान, सुरक्षा, स्वदेशी, शुचिता और सुराज हैं. उन्होंने घोषणा की है कि वे छह फ़रवरी से 90 दिनों की एक पदयात्रा और करेंगी जिसे उन्होंने जनादेश यात्रा का नाम दिया है. उमा भारती ने यह दोहराया कि वे ही असली भाजपा हैं और कहा है कि इस यात्रा के दौरान ही यह 'बहस' होगी कि असली भाजपा कौन है. उल्लेखनीय है कि भाजपा से निष्कासित किए जाने के बाद से उमा भारती भोपाल से अयोध्या तक की पद यात्रा कर रही थीं और इसे उन्होंने 'राम-रोटी' यात्रा का नाम दिया था. इससे पहले उन्होंने शुक्रवार आडवाणी को भाजपा से निकाले जाने की माँग की थी. राम-रोटी अपने समर्थकों के साथ सरयू में स्नान करने के साथ उमा भारती ने एक गाय को ढूँढ़ा और उसे खाना खिलाया. इससे पहले उन्होंने रामजन्मभूमि आंदोलन के जनक माने जाने वाले रामचंद्र परमहंस की समाधि पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "राम हमारे आदेश हैं, रोटी हमारी ज़रुरत है, हिंदुत्व हमारा दर्शन है." उन्होंने कहा कि गौ और गीता से हमारा जीवन प्रभावित है. उन्होने कहा कि हालांकि उन्हें भाजपा से निकाल दिया गया है लेकिन वे ही असली भाजपा हैं. उमा भारती ने घोषणा की है कि वे छह फ़रवरी से विंध्यवासिनी पर्वत से एक और पदयात्रा शुरु करेंगी. इस यात्रा को जनादेश यात्रा का नाम देते हुए उन्होंने कहा कि इस यात्रा का अंत चित्रकूट में होगा. जिस तरह वे लंबे कार्यक्रम बना रही हैं इससे माना जा रहा है कि वे एक तरह से भाजपा पर दबाव बना रही हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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