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सज्जाद लोन गुट को बातचीत का न्योता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कश्मीर के अलगाववादी नेता सज्जाद लोन को बातचीत के लिए बुलाया है. सज्जाद लोन जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ़्रेंस के अध्यक्ष हैं. बातचीत का न्योता मिलने के बाद सज्जाद लोन ने कहा है कि वे 14 जनवरी को पाँच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रधानमंत्री से मिलेंगे. ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस का उदारवादी धड़ा पहले ही भारत सरकार के साथ बातचीत कर रहा है. इस गुट ने पिछले साल सितंबर में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ बातचीत की थी. हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस से अलग सज्जाद लोन ऐसे नेता हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री ने बातचीत के लिए बुलाया है. प्रधानमंत्री के इस फ़ैसले को बातचीत में अन्य गुटों को भी शामिल करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है. बातचीत अभी तक जिन अलगाववादी नेताओं ने मनमोहन सिंह सरकार के साथ अभी बातचीत नहीं की है, उनमें शामिल हैं- जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ़्रंट के यासिन मलिक और शब्बीर शाह.
इनके अलावा सैयद अली शाह गिलानी के नेतृत्व वाले हुर्रियत गुट भी इस बातचीत में शामिल नहीं है. अब्दुल ग़नी लोन के समय जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ़्रेंस भी हुर्रियत में शामिल था. लेकिन ग़नी लोन की हत्या के बाद सज्जाद लोन और उनके भाई बिलाल लोन में फूट पड़ गई. अपने भाई से अलग होने के बाद सज्जाद के गुट को हुर्रियत से निकाल दिया गया था. प्रधानमंत्री की ओर से बातचीत का न्योता मिलने के बाद सज्जाद लोन ने कहा कि केंद्र का निमंत्रण सकारात्मक क़दम बताया. सज्जाद लोन ने बताया, "प्रधानमंत्री की ओर से न्योता मिलने के बाद पार्टी की कार्यसमिति की बैठक हुई. जिसमें यह फ़ैसला हुआ कि पाँच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से मिलेगा." पार्टी के उपाध्यक्ष शेख़ बशीर अली बाक़ी के चार प्रतिनिधियों का नाम तय करेंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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