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नौ और लोगों ने एलओसी पार की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत प्रशासित कश्मीर से नौ लोगों ने सोमवार को पुंछ से नियंत्रण रेखा पार की और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर पहुँचे. इनमें से सात लोग भारतीय थे और दो पाकिस्तानी नागरिक. दोनों पाकिस्तानी नागरिक-जमीला बेगम और उनका बेटा पिछले महीने भूकंप से पहले श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद बस से भारत प्रशासित कश्मीर अपने रिश्तेदारों से मिलने आए थे. बीबीसी संवाददाता बीनू जोशी ने बताया कि सोमवार को पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर की ओर से किसी ने सीमा पार नहीं की. उत्साह
नियंत्रण रेखा पार करने से पहले बातचीत में लोगों ने अपने संबंधियों से मिलने पर काफ़ी उत्साह जताया. पुँछ के निकट नंगाली में रहने वाले मोहम्मद असलम ने बताया कि वे नियंत्रण रेखा के उस पार अपने संबंधियों से 40 साल बाद मिलने को लेकर काफ़ी उत्साहित हैं. वहीं जावेद इक़बाल ने बताया कि वे इस दिन का पिछले 58 वर्षों से इंतज़ार कर रहे थे. नियंत्रण रेखा पार करनेवालों में सरवर कपील भी शामिल हैं जो पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के प्रधानमंत्री सिकंदर हयात के भतीजे हैं. पुंछ के उपायुक्त एमआर ठाकुर ने कहा है कि ये बहुत अहम मौक़ा है. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ पुंछ से काफ़ी लोगों ने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर जाने के लिए अर्ज़ी दाखिल की है. शनिवार को भी भारतीय कश्मीर से 24 लोगों ने वर्षों बाद पहली बार पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में क़दम रखा. ये आवाजाही पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में भूकंप से हुई भीषण तबाही के बाद दोनो ओर की सरकारों में बनी सहमति के बाद संभव हुई है. | इससे जुड़ी ख़बरें नियंत्रण रेखा पार करने पर सहमति16 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस नियंत्रण रेखा चौथी जगह भी खुली14 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस नियंत्रण रेखा तीसरे स्थान पर खुली12 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस एक और जगह खोली गई नियंत्रण रेखा09 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस उड़ी में नियंत्रण रेखा खोली गई09 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस नियंत्रण रेखा राहत सामग्री के लिए खुली07 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस नियंत्रण रेखा पर हवाई फ़ायरिंग07 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस खुली नियंत्रण रेखा मगर आवाजाही नहीं07 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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