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नियंत्रण रेखा तीसरे स्थान पर खुली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान ने भूकंप पीड़ितों की सहायता के लिए शनिवार को नियंत्रण रेखा तीसरे स्थान पर खोल दी है. तीथवाल- नौसेरी पर नियंत्रण रेखा खोली गई है. हालांकि इस स्थान को गुरुवार को खोला जाना था लेकिन पुल तैयार न होने के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था. सन 1948 के बाद पहली बार नियंत्रण रेखा को इस स्थान पर खोला जा रहा है. विदेश मंत्रालय का कहना है कि बाकी बचे दो स्थानों मेंधार में बालनोई और उड़ी में सिलिकोट को 14 और 16 नवंबर को खोला जाएगा. इसके पहले उड़ी और पुंछ क्षेत्र में भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा खोल दी गई थी. सात नवंबर को पुंछ क्षेत्र में नियंत्रण रेखा खोली गई थी लेकिन उस दिन सिर्फ़ ट्रकों के ज़रिए राहत सामग्री ही भेजी गई थी और लोगों को रेखा पार करने की इजाज़त नहीं दी गई थी. लोगों ने नियंत्रण रेखा पार करने की कोशिश की थी जिससे काफ़ी उथल-पुथल मच गई थी. भारत ने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में भूकंप पीड़ितों के लिए राहत सामग्री भेजने की पेशकश की थी और उसी के लिए नियंत्रण रेखा को विभिन्न स्थानों पर खोला जा रहा है. आठ अक्तूबर को इस क्षेत्र में भी आए भयंकर भूकंप से सड़कों को भारी नुक़सान पहुँचा था. भारत और पाकिस्तान भूकंप पीड़ितों को राहत सामग्री पहुँचाने के लिए पाँच स्थानों पर नियंत्रण रेखा खोलने के लिए सहमत हुए थे. |
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