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नियंत्रण रेखा चौथी जगह भी खुली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भूकंप पीड़ितों की सहायता के लिए भारत और पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा को चौथी जगह से भी खोल दिया है. भारत और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के बीच खींची हुई नियंत्रण रेखा को भारतीय समय के अनुसार सुबह 11 बजे पुंछ ज़िले में खोला गया. इससे पहले तीन स्थानों पर मानवीय सहायता के लिए नियंत्रण रेखा नौसेरी टीटवाल, चकोटी-उड़ी और रावलाकोट-पुंछ, तीन जगह से खोला जा चुका है. आठ अक्तूबर को आए भयंकर भूकंप से सड़कों को भारी नुक़सान पहुँचा था. जिस जगह को सोमवार को खोला गया है वह भारतीय प्रशासित कश्मीर के पुंछ ज़िले के मेंडर में है और इस जगह नियंत्रण रेखा खुलने से पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के तत्तापानी से संपर्क हो सकेगा. भारत की ओर से कर्नल दीपक सैनी और और पाकिस्तान की ओर से कर्नल ईदल ने हाथ मिलाकर नियंत्रण रेखा को खोलने की औपचारिकता पूरी की. भारतीय सेना के प्रवक्ता कर्नल डीके बडोला ने सूचना दी है कि भारत पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के भूकंप पीड़ितों के लिए दस ट्रकों में भरकर राहत सामग्री भेज रहा है. इन ट्रकों में खाने का सामान और टीन की चादरें भेजी गई हैं. दूसरी ओर पाकिस्तान ने एक ट्रक भर राहत सामग्री भेजी है जिसमें गद्दे और खाद्य सामग्री है. मानवीय आधार पर भूकंप पीड़ितों की सहायता के लिए दोनों देशों के बीच नियंत्रण रेखा को पाँच जगहों से खोलने की सहमति बनी है. | इससे जुड़ी ख़बरें नियंत्रण रेखा तीसरे स्थान पर खुली12 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस एक और जगह खोली गई नियंत्रण रेखा09 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस उड़ी में नियंत्रण रेखा खोली गई09 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस नियंत्रण रेखा राहत सामग्री के लिए खुली07 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस नियंत्रण रेखा पर हवाई फ़ायरिंग07 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस खुली नियंत्रण रेखा मगर आवाजाही नहीं07 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस नियंत्रण रेखा सात नवंबर से खुलेगी29 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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