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सवाल पूछने के लिए सांसदों ने घूस ली? | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक टेलीविज़न चैनल ने एक वीडियो टेप का प्रसारण किया गया है जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों को संसद में प्रश्न पूछने के लिए घूस लेते दिखाया गया है. इन 11 सांसदों में छह भारतीय जनता पार्टी के, तीन बहुजन समाज पार्टी के, एक-एक सांसद कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के हैं. टीवी चैनल 'आजतक' ने मीडिया कंपनी 'कोबरा पोस्ट' के साथ मिलकर यह ख़ुफ़िया रिकॉर्डिंग की है. इसे चैनल ने 'ऑपरेशन दुर्योधन' का नाम दिया है. हालांकि टेलीविज़न चैनल ने अपने बयान में कहा गया है कि अभी भी ज़्यादातर सांसद जनहित में ही सवाल पूछते हैं और कोई 900 टेलीफ़ोन कॉल्स के बाद कुछ सांसद पैसे लेकर सवाल उठाने के लिए तैयार हुए. लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने मामला सुलझ जाने तक उन सांसदों को कार्यवाही में भाग न लेने के निर्देश दिए हैं जिन्हें कैमरे में क़ैद किया गया है. राज्यसभा के सभापति भैरोंसिंह शेखावत ने भी जाँच करवाने की घोषणा की है.
इस कार्यक्रम के प्रसारित होने के बाद भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने सभी छह सांसदों को निलंबित कर दिया है और कांग्रेस ने भी अपने एक सांसद को निलंबित करने की घोषणा की है. आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने भी सांसद पर कार्रवाई करने की बात कही है. कैमरे में क़ैद टेलीविज़न चैनल के कार्यक्रम में संसद के दोनों ही सदनों के सदस्यों को घूस लेते हुए दिखाया गया है. प्रसारित कार्यक्रम में ज़्यादातर सांसदों को उनके निवास पर लोकसभा या राज्यसभा में प्रश्न पूछने के लिए रुपए लेते दिखाया गया है. रिपोर्टर ने सांसदों से पहले सासंदों को बताया कि वो संसद में कुछ सवाल उठाना चाहती हैं और फिर उसने रुपए गिनकर दिए. सांसदों को दस हज़ार से लेकर एक लाख दस हज़ार तक अलग-अलग राशि दी गई. ज़्यादातर सांसदों को एक से अधिक बार रुपए लेते हुए कैमरे में क़ैद किया गया है. जवाब में सांसदों ने कहा है कि वे सत्र शुरु होने से पहले ही सवाल भेज देंगे लेकिन तारांकित प्रश्न होगा या नहीं क्योंकि ये तो लॉटरी से तय होता है. एक सांसद मंत्रालय से काम करवा देने का भी आश्वासन देते दिखाए गए हैं.
जिन सांसदों को घूस लेते हुए कैमरे में क़ैद किया गया है उनमें छह सांसद भाजपा के हैं. इनमें से पाँच सांसद लोकसभा के हैं. महाराष्ट्र इरनडोल से एमके अन्ना पाटिल, जलगाँव से वाईजी महाजन, छत्तीसगढ़ के राजनांदगाँव से प्रदीप गाँधी, मध्यप्रदेश के सीधी से चंद्रप्रताप सिंह और हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर के सांसद सुरेश कुमार चंदेल हैं. इसके अलावा उड़ीसा से राज्यसभा के सांसद छत्रपाल सिंह लोढ़ा हैं. मध्यप्रदेश के ग्वालियर के सांसद रामसेवक सिंह, झारखंड के पलामू से राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज कुमार और उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर से बहुजन समाज पार्टी के सांसद नरेंद्र कुमार कुशवाहा, रॉबर्ट्सगंज के लालचंद्र और बिल्हौर से चुनकर आने वाले राजाराम पाल हैं. लोकसभा अध्यक्ष नाराज़ इस घटनाक्रम पर लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने नाराज़गी जताई है. उन्होंने सांसदों के कैमरे में घूस लेते पकड़े जाने की घटना को गंभीर चिंता का विषय बताया है. उन्होंने ख़ुद होकर दिए गए बयान में कहा, "मैं सभी सांसदों से स्पष्टीकरण देने के लिए कहूँगा और मामला सुलझ जाने तक उन सांसदों से कार्यवाही में भाग न लेने का निर्देश दे रहा हूँ जिन्हें कैमरे में क़ैद किया गया है." उधर राज्यसभा के सभापति भैरोंसिंह शेखावत ने इस मामले को आचरण समिति को भेजने का निर्देश दिया है. | इससे जुड़ी ख़बरें चुपके-चुपके फैलता जासूसी का कारोबार07 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस तहलका ने फिर तहलका किया22 दिसंबर, 2004 | भारत और पड़ोस जया, बंगारु के ख़िलाफ़ मामले दर्ज06 दिसंबर, 2004 | भारत और पड़ोस अब सीबीआई करेगी तहलका की जाँच04 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस 'भाजपा नेताओं ने पुलिस को रोका था'31 अगस्त, 2004 | भारत और पड़ोस तहलका के टेप असली हैं: विशेषज्ञ21 जून, 2004 | भारत और पड़ोस जूदेव मामले की पूरी जानकारी सार्वजनिक हो24 नवंबर, 2003 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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