|
जया, बंगारु के ख़िलाफ़ मामले दर्ज | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तहलका मामले में सोमवार को केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने भ्रष्टाचार निरोधक क़ानून के तहत पाँच मामले दर्ज किए हैं. जिन दस लोगों के ख़िलाफ़ मामले दर्ज किए गए हैं उनमें भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष बंगारु लक्ष्मण, समता पार्टी की पूर्व अध्यक्ष जया जेटली, मेजर जनरल (रिटायर्ड) एसपी मुरुगई, रक्षा मंत्रालय के तीन अधिकारी एससी पंत, नरेंदर सिंह और पी सासी शामिल हैं. कथित रक्षा सौदों में दलाली के इस मामले में पहली बार मामले दर्ज किए गए हैं. यह मामला मार्च 2001 में सामने आया था जब तहलका डॉट कॉम ने एक कथित रक्षा सौदे के मामले में राजनीतिक दलों के नेताओं, रक्षा मंत्रालय और सेना के अधिकारियों को घूस लेते हुए कैमरे में कैद करके इसे सार्वजनिक किया था.
उल्लेखनीय है कि गत तीन अक्तूबर को केंद्र की यूपीए सरकार ने इस मामले की जाँच कर रहे फूँकन आयोग का कार्यकाल न बढ़ाने का फ़ैसला किया था और इस मामले को सीबीआई को दे दिया था. सीबीआई ने सोमवार को मामला दर्ज किया है. और जिन लोगों के ख़िलाफ़ मामले दर्ज किए गए हैं उनमें बंगारु लक्ष्मण के कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी एन उमा महेश्वर राजू और सत्यमूर्ति, कानपुर के उद्योगपति सुरेंद्र कुमार सुरेखा और गोपाल पचेरवाल शामिल हैं. सीबीआई की इस कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए जया जेटली ने कहा है कि यदि सीबीआई तहलका के ख़िलाफ़ भी क़ानूनी कार्रवाई करे तो वे सीबीआई को वो सभी सहयोग देने को तैयार हैं जो वे अब तक जाँच आयोग को देती आई हैं. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||