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तहलका मामले में फ़र्नांडीस बरी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तहलका मामले की जाँच कर रहे फूकन आयोग ने रक्षा मंत्री जॉर्ज फ़र्नांडीस को क्लीन चिट दे दी है. जाँच आयोग के अध्यक्ष जस्टिस एसएन फूकन ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट का पहला हिस्सा प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को सौंप दिया. तहलका डॉट कॉम ने क़रीब तीन साल पहले प्रतिरक्षा ठेकों में धांधली के गंभीर आरोप लगाए थे. इन आरोपों के घेरे में रक्षा मंत्री जॉर्ज फ़र्नांडीस और वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी थे. तहलका ने अपने आरोपों के समर्थन में वीडियो टेप जारी किए थे, जिनसे भारतीय राजनीति में भूचाल आ गया था और सत्तारुढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के प्रमुख घटक दल भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष बंगारु लक्ष्मण को इस्तीफा देना पड़ा था. उस समय रक्षा मंत्री रहे जॉर्ज फ़र्नांडीस और समता पार्टी की अध्यक्ष जया जेटली को भी अपने पद छोड़ने पड़े थे. हालाँकि बाद में जॉर्ज फ़र्नांडीस की केंद्रीय मंत्रिमंडल में रक्षा मंत्री के रूप में फिर से वापसी हुई. प्रतिक्रिया फूकन आयोग की रिपोर्ट में क्लीन चिट दिए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए रक्षा मंत्री जॉर्ज फ़र्नांडीस ने कहा कि वे तो पहले से ही कहते रहे हैं कि तहलका के आरोप झूठ का पुलिंदा हैं. पत्रकारों से बातचीत में फ़र्नांडीस ने कहा, "क्या मुझे इस पर कुछ कहने की ज़रूरत है. जब से तहलका के आरोप सामने आए थे मुझे बदनाम करने वाले लोगों ने इसका जम कर इस्तेमाल किया. ताबूत मामले को भी मेरी छवि ख़राब करने के लिए उछाला गया." फ़र्नांडीस ने तहलका के पत्रकारों पर भी टिप्पणी की, "तीन बदमाश पत्रकार बदमाशी करने निकले थे और कुछ राजनेता जो मेरे ख़िलाफ़ हैं उनका समर्थन कर रहे थे. मुझे उन पर दया आती है." फ़र्नांडीस ने कहा कि राजनेता झूठ का समर्थन कर रहे थे. उन्होंने माँग की कि तहलका के पीछे कौन लोग थे उसकी भी जाँच होनी चाहिए. |
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