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तहलका के टेप सही हैं:सिब्बल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत काँग्रेस गठबंधन सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री और मशहूर वकील कपिल सिब्बल ने कहा है कि रक्षा सौदों में दलाली के मामले से संबंधित तहलका टेपों के साथ छेडछाड़ नहीं की गई. कपिल सिब्बल ने बीबीसी को बताया कि इस टेप की सत्यता की जाँच के बाद इंगलैंड से विशेषज्ञों की रिपोर्ट आ गई है. उन्होंने रिपोर्ट के बारे में ज़्यादा विवरण देने में असमर्थता जताते हुए कहा कि उन्हें बस इतना बताया गया है कि टेप सही हैं और उनके साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है. कपिल सिब्बल ने कहा, "आयोग को अभी सरकार को रिपोर्ट सौंपनी है मगर विदेश से रिपोर्ट आ गई है और इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इनसे कोई छेड़छाड़ नहीं की गई." उन्होंने कहा कि टेप की जाँच के लिए विशेषज्ञ समिति बस असल मुद्दे से भटकाव के लिए बनाई गई थी. कपिल सिब्बल ने कहा कि काँग्रेस आरंभ से ही इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के पक्ष में थी और अब वह इस सिलसिले में आगे क़दम उठाएगी. सिब्बल ने कहा कि पिछली सरकार ने जान-बूझकर टेपों के बारे में असलियत छिपाई और नई सरकार का पहला काम ये होगा कि वह इस असलियत को सबके सामने लाए. तहलका मामला तहलका वेबसाइट ने मार्च 2001 में एक वीडियो टेप जारी कर भारत में सनसनी फैला दी थी. इस टेप में वरिष्ठ नेताओं, नौकरशाहों और सैन्य अधिकारियों को रक्षा सौदों के लिए धन लेते हुए दिखाया गया था. तहलका कांड के बाद सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण को अपने पद से हाथ धोना पड़ा था और रक्षा मंत्री जॉर्ज फ़र्नांडिस ने भी इस्तीफ़ा दे दिया था. तहलका मामले की जाँच कर रहे फ़ूकन आयोग ने इसी साल फ़रवरी में जॉर्ज फ़र्नांडिस को इस मामले में क्लीनचिट दे दी थी. जस्टिस फ़ूकन आयोग ने ही पिछले वर्ष टेपों की विश्वसनीयता की जाँच के लिए इसे विशेषज्ञ समिति के पास भेजने का फ़ैसला किया था. |
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