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बुधवार, 22 दिसंबर, 2004 को 14:03 GMT तक के समाचार
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तहलका ने फिर तहलका किया
तहलका की वीडियो
तहलका का दावा है कि टेप बिल्कुल सही है
भारत के साप्ताहिक अख़बार तहलका ने एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि गुजरात में बड़ौदा से भारतीय जनता पार्टी के विधायक मधु श्रीवास्तव ने बेस्ट बेकरी मुक़दमे की प्रमुख गवाह ज़ाहिरा शेख़ को 18 लाख रुपए दिए थे लेकिन मधु श्रीवास्तव ने इस आरोप का खंडन किया है.

खुद ज़ाहिरा शेख ने मुंबई में कहा कि वो मधु श्रीवास्तव नाम के किसी व्यक्ति को जानती तक नहीं.

लगभग चार साल पहले रक्षा सौदों मे कथित भ्रष्टाचार का भंडा फोड़ करने वाली वेबसाइट तहलका के प्रधान संपादक तरुण तेजपाल ने आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में धमकियों और धन ने बड़ी भूमिका निभाई है.

 ये आरोप बेबुनियाद हैं और इनमें कोई सच्चाई नहीं है. मैं न तो ज़ाहिरा को जानता हूँ, न मैं उससे मिला और न ही मैंने उसे पैसे दिए."
मधु श्रीवास्तव

तहलका ने जो टेप जारी किया है उसमें वडोदरा से भारतीय जनता पार्टी के विधायक मधु श्रीवास्तव और उनके भाई चंद्रकाँत को यह कहते हुए दिखाया गया है कि उन्होंने ज़ाहिरा को 18 लाख रूपए दिए हैं.

हालाँकि बीबीसी से बात करते हुए मधु श्रीवास्तव ने इसका खंडन किया.

उन्होंने कहा, "ये आरोप बेबुनियाद हैं और इनमें कोई सच्चाई नहीं है. मैं न तो ज़ाहिरा को जानता हूँ, न मैं उससे मिला और न ही मैंने उसे पैसे दिए."

उन्होंने स्वीकार किया कि टेप में दिखाया गया चेहरा उन्हीं का है पर उन्होंने साफ़ कहा, "सुनाई देने वाली आवाज़ नक़ली है."

दावा

टेप जारी करते हुए तहलका समाचार समूह के प्रधान संपादक तरुण तेजपाल ने दावा किया है कि दिखाए गए सभी अंश सही हैं और इससे ज़ाहिरा के बयान बदलने की वजहें अब खुलकर सामने आ गई हैं.

तहलका का वीडियो

उन्होंने कहा, "इस टेप से यह साफ़ हो गया है कि बयान बदलने के लिए पैसे का लालच और धमकी का सहारा लिया गया है जिसकी वजह से गुजरात दंगों से संबंधित सबसे महत्वपूर्ण गवाह के बयान प्रभावित हुए हैं."

उधर मामले की प्रमुख गवाह ज़ाहिरा शेख़ ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह मधु श्रीवास्तव नाम के किसी व्यक्ति को नहीं जानती हैं और न ही उन्होंने किसी से पैसे लिए.

उन्होंने कहा, "यह टेप तीस्ता सीतलवाड़ और चंद्रकाँत भत्तू की मुझे बदनाम करने की साज़िश है."

क़रीब चार साल पहले रक्षा सौदों में दलाली का भंडाफोड़ करने वाले टेप के बाद तहलका का यह दूसरा टेप है.

इस मामले की पड़ताल के लिए तहलका समूह की ओर से एक पत्रकार, आशीष खेतान को तक़रीबन छह हफ्ते पहले वडोदरा भेजा गया था.

टेप की रिकार्डिंग के लिए गुप्त कैमरे का इस्तेमाल किया गया है और इस टेप की गुणवत्ता अच्छी नहीं है.

तेरह मिनट का यह टेप दिखाने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए तरुण तेजपाल ने कहा कि दिखाए गए दृश्य मुख्य बातों के हैं जबकि इसके अलावा काफ़ी अंश उनके पास हैं.

इस टेप के जारी होने के बाद मामले में एक नया मोड़ आ गया है और जानकार इस टेप को दूरगामी प्रभाव वाला मान रहे हैं.

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