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'भारत-पाक सहयोग को बढ़ावा दें' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव कोफ़ी अन्नान ने कहा है कि दक्षिण एशिया में आए भूकंप के बाद भारत और पाकिस्तान में जो आपसी सहयोग हुआ है, दोनों देशों को उसे आगे बढ़ाना चाहिए. उन्होंने कहा कि कश्मीर मसले के हल के लिए दोनों देशों को और क़दम उठाने चाहिए. कोफ़ी अन्नान तीन दिन की पाकिस्तान यात्रा पर हैं. भारत और पाकिस्तान ने भूकंप प्रभावित इलाक़ों तक राहत पहुँचाने के लिए पाँच स्थानों पर नियंत्रण रेखा खोली है. इससे पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति के साथ भूकंप प्रभावित इलाक़ों का दौरा किया. दौरे के बाद उन्होंने कहा कि सब घर तबाह हो गए हैं और कई लोग तो अब भी पहाड़ों पर ही हैं. उन्होंने कहा कि इलाक़े का दौरा करने के बाद वे निराश भी हुए लेकिन उनका हौसला भी बढ़ा. कोफ़ी अन्नान का कहना था, “ तबाही को देखकर निराशा हुई लेकिन लोगों की इच्छा शक्ति और सहयोग को देखकर हौसला भी बढ़ा.” कोफ़ी अन्नान ने अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से पाकिस्तान के भूकंप पीड़ितों के लिए दिल खोलकर आर्थिक सहायता देने की अपील की है. वे शनिवार को पाकिस्तान में मददगार देशों के एक सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे जिसका उद्देश्य साढ़ पाँच अरब डॉलर की रक़म जुटाना है. इस सम्मेलन में कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियाँ भी हिस्सा ले रही हैं. पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशरर्फ़ ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र एजंसियों, विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक के मुताबिक़ पुनर्निमाण के लिए कम से कम 3.5 अरब डॉलर की ज़रूरत है, राहत कार्यों के लिए डेढ़ अरब डॉलर और पुनर्वास के लिए 10 करोड़ डॉलर चाहिए. |
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