|
चरमपंथी मारा गया, मुठभेड़ ख़त्म | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीनगर में सोमवार से जारी चरमपंथियों की घेराबंदी समाप्त हो गई है. केंद्रीय रिज़र्व पुलिस फ़ोर्स (सीआरपीएफ़) की कार्रवाई में एक चरमपंथी मारा गया और एक को गिरफ़्तार कर लिया गया है. दोनों चरमपंथी श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक इलाक़े में दो होटलों में जा घुसे थे और सुरक्षाकर्मियों ने घेराबंदी कर दी थी. भीड़-भाड़ वाले इलाक़े में स्थित दो होटलों में घुसने से पहले सोमवार को उन्होंने एक बम विस्फोट किया था जिसमें सीआरपीएफ़ के एक जवान सहित तीन आम नागरिकों की मौत हो गई थी और लगभग दस लोग घायल हो गए थे. जम्मू कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन को बताया है कि यह हमला लश्करे तैबा के चरमपंथियों ने किया था जबकि सोमवार को अल मंसूरीन नाम के एक संगठन ने इसकी ज़िम्मेदारी स्वीकार की थी. पुलिस का कहना है कि पकड़े गए चरमपंथी का नाम एज़ाज़ अहमद बट्ट उर्फ़ अबू उस्माना है जो पाकिस्तानी नागरिक है और फ़ैसलाबाद का रहने वाला है. पुलिस का कहना है ये पहला मौक़ा है कि इस तरह आत्मघाती हमले करने वाला कोई चरमपंथी पकड़ा गया है, बट्ट के पास से एके-47 राइफ़ल और काफ़ी मात्रा में गोला बारूद बरामद किया गया है. सुरक्षा बलों का कहना है कि उन्हें इस ऑपरेशन में अधिक वक़्त इसलिए लगा क्योंकि वे आम नागरिकों के जान-माल को बचाते हुए कार्रवाई करना चाहते थे. सोमवार की रात को सीआरपीएफ़ ने कोई कार्रवाई नहीं थी और सिर्फ़ वहाँ फँसे लगभग 70 लोगों को सुरक्षित निकाला गया था.
मुठभेड़ मंगलवार को दोबारा शुरू हुई और सीआरपीएफ़ ने एक चरमपंथी को मार डाला और एक को गिरफ़्तार कर लिया. हालाँकि सोमवार को जब अल मंसूरीन ने हमले की ज़िम्मेदारी ली थी तो कहा गया था कि हमले में चार चरमपंथी शामिल थे लेकिन पुलिस अधिकारी इस बारे में अभी कुछ नहीं कह रहे हैं. इसके अलावा, जम्मू कश्मीर में सत्ताधारी गठबंधन की साझीदार पीडीपी पार्टी के एक नेता और पूर्व मंत्री गुलाम हसन मीर की जनसभा में हथगोले से हमला होने की ख़बर है. तंगमर्ग के पास हुए हमले में कई लोग घायल हुए हैं, गुलाम हसन मीर को भी मामूली चोट आई है उन्हें इलाज के लिए श्रीनगर लाया गया है, उन्हें ख़तरे से बाहर बताया जा रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें कश्मीर धमाके में नौ सैनिकों की मौत24 जून, 2005 | भारत और पड़ोस शेख़ रशीद को यात्रा की अनुमति नहीं24 जून, 2005 | भारत और पड़ोस भारत से बातचीत का हुर्रियत का प्रस्ताव22 जून, 2005 | भारत और पड़ोस प्रधानमंत्री ने दिया वाजपेयी को जवाब21 जून, 2005 | भारत और पड़ोस अलगाववादी नेता भारत लौटे16 जून, 2005 | भारत और पड़ोस कश्मीर में धमाके में 14 मरे13 जून, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||