|
1984 के दंगों की जाँच सीबीआई करेगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
1984 के सिख विरोधी दंगों में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के ख़िलाफ़ लगे आरोपों की जाँच सीबीआई से कराई जाएगी. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस मामले के कार्रवाई के आश्वासन के बाद ये घोषणा की गई है. नानावती जाँच समिति की सिफ़ारिशों पर अमल करते हुए जगदीश टाइटलर, धर्मदास शास्त्री और सज्जन कुमार के ख़िलाफ़ लगे आरोपों की जाँच अब सीबीआई करेगी. भारत के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया, "प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के आश्वासनों के अनुरूप टाइटलर, सज्जन कुमार और शास्त्री के ख़िलाफ़ लगे आरोपों की जाँच सीबीआई से नए सिरे से कराई जाएगी क्योंकि नानावती आयोग ने अपनी रिपोर्टों में इन लोगों का नाम लिया है." गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि जिन अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ रिपोर्ट में प्रतिकूल टिप्पणी की गई है उनके ख़िलाफ़ क्या कार्रवाई की जाए इस पर विधि मंत्रालय से परामर्श किया जा रहा है. इनमें से ज़्यादातर लोग रिटायर हो चुके हैं और नौकरी के नियमों के मुताबिक इतना समय बीत चुका है कि उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करना मुश्किल है. नानावती आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि टाइटलर के ख़िलाफ़ इस बात के 'विश्वसनीय सबूत' हैं कि उन्होंने हमलों की साज़िश रची थी, आयोग ने सरकार से कहा कि वह टाइटलर के ख़िलाफ़ 'उचित कार्रवाई' करे. नानावती आयोग की रिपोर्ट संसद में पेश किए जाने के बाद जगदीश टाइटलर ने केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार सहित सभी कांग्रेसी नेता दंगे भड़काने के आरोपों का लगातार खंडन करते रहे हैं लेकिन दंगों के 21 वर्ष बाद भी उन्हें इन आरोपों से छुटकारा नहीं मिल सका है. आयोग ने अपनी 339 की रिपोर्ट में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं और दिल्ली के स्थानीय नेताओं के नाम लिए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें मनमोहन सिंह ने राष्ट्र से माफ़ी मांगी11 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस कार्रवाई रिपोर्ट में बदलाव करेगी सरकार11 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस सज्जन कुमार का ग्रामीण बोर्ड से इस्तीफ़ा 11 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस विवाद के बाद टाइटलर ने इस्तीफ़ा दिया10 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस 'दोषी लोगों पर हर संभव कार्रवाई'10 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस नानावती पर विपक्ष का प्रस्ताव नामंज़ूर10 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस वामपंथियो ने भी कार्रवाई की मांग की09 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||