BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
बुधवार, 10 अगस्त, 2005 को 11:54 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'दोषी लोगों पर हर संभव कार्रवाई'
मनमोहन सिंह
मनमोहन सिंह ने सिखों के गौरवपूर्ण इतिहास की बात करते हुए कहा है कि ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए जिससे वे बँट जाएँ
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लोकसभा में आश्वासन दिया है कि 84 के सिख विरोधी दंगों के मामले में नानावती आयोग ने जिन लोगों के भी ख़िलाफ़ सुबूत होने की बात कही है उनके ख़िलाफ़ सरकार हर संभव क़ानूनी क़दम उठाएगी.

उन्होंने कहा कि जिन लोगों को आयोग ने दोषी पाया है उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी और इसके लिए क़ानून मंत्रालय की सलाह ली जाएगी.

प्रधानमंत्री सिंह ने कहा कि 84 में कुछ हुआ वह शर्मनाक था और वह राष्ट्र पर एक धब्बा था लेकिन इस पर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश नहीं करना चाहिए.

वे लोकसभा में नानावती आयोग की रिपोर्ट और उस पर सरकार की कार्रवाई की रिपोर्ट पर चल रहे कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चल रही चर्चा में बोल रहे थे.

उन्होंने कहा कि हालांकि नानावती आयोग ने कांग्रेस के कुछ नेताओं का नाम लेकर कहा है कि वे संभवत: दंगे में शामिल हो सकते हैं और सरकार ने अपनी कार्रवाई रिपोर्ट में कहा है कि संभावनाओं के आधार पर किसी पर कार्रवाई नहीं की जा सकती.

उन्होंने कहा, "सदन का नज़रिया और भावनाएँ कुछ और ही हैं और सरकार इसका सम्मान करती है और मैं यह आश्वासन देता हूँ कि सरकार हर संभव क़ानूनी क़दम उठाएगी."

आयोग

प्रधानमंत्री ने कहा कि नानवती आयोग ने स्पष्ट रुप से कहा है कि राजीव गाँधी सहित कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के ख़िलाफ़ इस मामले में कोई सबूत नहीं है.

उन्होंने कहा कि दंगों के 21 साल और आठ आयोगों के बाद पूर्ववर्ती एनडीए सरकार ने इस आयोग का गठन किया था.

उन्होंने कहा कि आयोग का गठन चूंकि एनडीए सरकार ने किया था इसलिए इसका अध्यक्ष भी उसी सरकार ने चुना था.

उनका कहना था कि जिस मसले पर चर्चा चल रही है वह राजनीतिक लाभ उठाने के लिए आरोप प्रत्यारोप के लिए नहीं होना चाहिए था. उन्होंने इस बात पर अफ़सोस ज़ाहिर किया कि इसे राजनीतिक रंग दिया जा रहा है.

सिखों का इतिहास

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने भाषण के ज़्यादातर हिस्से में सिखों के वैभवशाली इतिहास की चर्चा करते हुए कहा कि आज़ादी के समय विभाजन में भी सबसे ज़्यादा उन्हें ही सहन करना पड़ा.

उन्होंने कहा कि 84 में उनके साथ जो कुछ हुआ वह राष्ट्र के लिए शर्म की बात थी.

उन्होंने सदन से अनुरोध किया कि पंजाब में जो कुछ हुआ है उसे ध्यान में रखते हुए अब ऐसा कुछ नहीं किया जाना चाहिए जिससे वहाँ के युवाओं के बीच कोई ग़लत संदेश जाए.

उन्होंने पंजाब में चरमपंथ का ज़िक्र भी किया और कहा कि नेहरु से लेकर इंदिरा और राजीव गाँधी तक कांग्रेस के सभी नेताओं का सिख समुदाय के प्रति विशेष स्नेह रहा है.

मनमोहन सिंह ने कहा कि पंजाब सीमा पर स्थित है और उसकी नाज़ुक स्थिति को समझना चाहिए.

उन्होंने कहा, "यदि आप युवाओं के मन में असंतोष की भावना भरेंगे तो ऐसी स्थिति निर्मित होगी कि पुराने दिन फिर लौट आएँगे."

उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले पर राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में बात करनी चाहिए और ऐसा कोई रास्ता निकालना चाहिए जिससे भविष्य में देश में 84 और गुजरात जैसी स्थिति न बने.

इससे जुड़ी ख़बरें
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>