 |  अकाली दल ने इस रिपोर्ट को पेश करने में हुई देरी पर आपत्ति जताई है |
सिख विरोधी दंगों की जाँच पर नानावती आयोग की रिपोर्ट को विपक्षी पार्टियों भारतीय जनता पार्टी और अकाली दल ने 'लीपापोती' करने की कोशिश कहा है. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं का कहना था कि वे जल्द ही राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से मुलाकात कर अनुरोध करेंगे कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें ताकि दंगे के दोषियों को सज़ा दिलाई जा सके. बीबीसी से एक विशेष बातचीत में केंद्रीय कानून मंत्री हंसराज भारद्वाज ने कहा कि इस मामले में दोषी लोगों को बख़्शा नहीं जाएगा और सरकार उन्हें सज़ा दिलाएगी. लेकिन भारतीय जनता पार्टी नेता वीके मल्होत्रा का कहना था, "ये केवल लीपापोती करने की कोशिश है और जिन लोगों पर आरोप लगे हैं, उन्हें बचाने की बचाने की कोशिश की गई है. हम संसद में भी विरोध करेंगे और राष्ट्रपति से भी मिलेंगे." उनका कहना था कि पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं की एक बैठक हुई जिसमें तय किया गया कि इस विषय में सरकार की कार्रवाई की रिपोर्ट का विस्तृत अध्ययन होगा.  |  ये केवल लीपापोती करने की कोशिश है और जिन लोगों पर आरोप लगे हैं, उन्हें बचाने की बचाने की कोशिश की गई है. हम संसद में भी विरोध करेंगे और राष्ट्रपति से भी मिलेंगे  वीके मल्होत्रा |
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष प्रकाश सिंह बादल का कहना था कि इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने में जानबूझकर देरी की गई. उनका कहना था कि कई बार जाँच हो चुकी है लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकलता. बादल का कहना था कि काँग्रेस की सरकार के न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती. |