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सोमवार, 08 अगस्त, 2005 को 11:22 GMT तक के समाचार
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मेरा नाम कभी नहीं आया- टाइटलर
जगदीश टाइटलर
टाइटलर पर नानावती आयोग ने शक के दायरे में रखा है
नानावती आयोग की रिपोर्ट में जगदीश टाइटलर के बारे में कहा गया है कि 1984 में सिख विरोधी दंगों में उनकी भूमिका शक के दायरे में है.

आयोग का कहना है कि इस दंगे में वे शामिल भी हो सकते हैं हालांकि सरकार की ओर से कह दिया गया है कि संभावना के आधार पर किसी पर कार्रवाई नहीं हो सकती.

लेकिन ख़ुद जगदीश टाइटलर का कहना है कि 84 के दंगों में उनकी कोई भूमिका नहीं थी और पिछले 21 सालों में नौ आयोग बने और किसी ने उनका नाम नहीं लिया.

बीबीसी संवाददाता रेणु अगाल ने दिल्ली में जगदीश टाइटलर से बात की. प्रस्तुत हैं कुछ प्रमुख अंश -

सवाल - आयोग ने कहा है कि भीड़ को भड़काने में आपकी भूमिका रही होगी?

जवाब - आयोग को तो जिस व्यक्ति ने 21 सालों बाद एप्लीकेशन डाली थी उस व्यक्ति ने यह भी लिखा है कि उसने मुझे देखा नहीं था उसने लिखा है कि शायद जगदीश टाइटलर वहाँ रहे होंगे. उसने लिखा कि उसे शक है कि शायद मेरी भूमिका रही होगी.

सवाल - आप क्या कहना चाहेंगे इस पर?

जवाब - मैं तो शुरु से कहता हूँ कि इसमें मेरी कोई भूमिका नहीं है मैं तो उस दिन दिल्ली में ही नहीं था. 21 साल में नौ कमीशन बैठे हैं और ये नवाँ कमीशन है आज तक तो किसी ने मेरा नाम नहीं लिया. इन नौ कमीशनों में से पाँच तो बीजेपी ने बनाई थी.

सीबीआई ने भी जाँच करके कह दिया कि इनका कोई हाथ नहीं. अब जो लिख रहा है वह भी कह रहा कि उसने मुझे देखा नहीं.

सवाल - इतने सालों से आपका नाम आता रहा.....

जवाब - मेरा नाम तो कभी आया नहीं. मुझे एक जगह बता दीजिए जहाँ मेरा नाम आया. आज तक तो कहीं नहीं आया.

सवाल - तो आपका नाम चर्चा में क्यों रहता था?

जवाब - इन इक्कीस सालों में से 11 साल तो मैं मंत्री रहा और भाजपा जिस व्यक्ति को चर्चा में लाती थी उसको मैं हराता रहा. मैंने मदनलाल खुराना को हराया और विजयकुमार मल्होत्रा को हराया. उन्होंने सरदारों का वोट लगाने के लिए हर बार मेरा नाम लिया. अगर इतना ही था तो उन्होंने आज तक कोई रिपोर्ट क्यों नहीं लिखवाई.

सवाल - 84 के दंगों को आप किस तरह देखते हैं?

जवाब - मैं शुरु से कहता हूँ कि जो कुछ हुआ बहुत बुरा हुआ और जो लोग भी दोषी थे उन्हें फाँसी की सज़ा होनी चाहिए.

मैं ख़ुद एक सिख परिवार से हूँ शायद आपको न मालूम हो कि मैं कपूर हूँ

सवाल - एक सिख होने के नाते आप नानावती आयोग की रिपोर्ट और कार्रवाई की रिपोर्ट को आप किस तरह देखते हैं?

मैं इस सरकार का हिस्सा हूँ, मंत्री हूँ, मैं इस रिपोर्ट पर किस तरह टिप्पणी कर सकता हूँ.

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