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भारत-पाक बातचीत शनिवार को होगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय कश्मीर और पाकिस्तानी कश्मीर के बीच नियंत्रण रेखा के पास भूकंप पीड़ितों के लिए राहत शिविर शुरु करने पर भारत और पाकिस्तान शनिवार को बातचीत करेंगे. इस उद्देश्य से भारत के अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को पाकिस्तान जाएगा और इसका नेतृत्व करेंगे भारत के विदेश मंत्रालय के अधिकारी दिलीप सिन्हा. इसमें भारतीय सेना, गृह मंत्रालय और भारतीय कश्मीर की सरकार के प्रतिनिधि होंगे. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना का कहना था कि दोनो पक्ष पाकिस्तान में शनिवार को बातचीत करेंगे ताकि संयुक्त तौर पर चलाए जाने वाले शिविरों को शुरु करने पर बात हो सके. भारत ने तीन जगह पर राहत केंद शुरु करने और पाकिस्तान ने पाँच जगह पर लोगों की आवाजाही की अनुमति देने की पेशकश की थी. लेकिन भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने कहा कि पाकिस्तान की सहमति के बिना नियंत्रण रेखा के आरपार लोगों की आवाजाही नहीं होगी. मुआवज़ा बुधवार से उधर पाकिस्तानी कश्मीर के मुख्य सचिव काशिफ़ मुर्तज़ा का कहना है कि भूकंप पीड़ितों के परिवारों को मुआवज़ा देने का काम बुधवार को शुरु हो जाएगा. आठ अक्तूबर को आए भूकंप में पाकिस्तान में 50 हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए थे और हज़ारों घायल हुए थे. पहले मृतकों के परिवारों को मुआवज़ा दिया जाएगा. उनका कहना था कि पाकिस्तान सरकार ने इस काम के लिए ढ़ाई अरब रूपए रखे हैं. उनका कहना था कि मारे गए लोगों और नष्ट हुई संपत्ति के लिए मुआवज़ा देने के लिए 15 से 20 हज़ार रुपए की ज़रूरत होगी. मारे गए हर व्यक्ति के परिवार को एक लाख रुपए और घायल हुए लोगों को 25 से 50 हज़ार रुपए देने का फ़ैसला हुआ है. | इससे जुड़ी ख़बरें नियंत्रण रेखा खोलने का प्रस्ताव22 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस सीमा खोलने की तैयारी के निर्देश22 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस नैटो पाकिस्तान की मदद के लिए पहुँचा20 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस भूकंप के बाद भी कूटनीति जारी18 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस भूकंप से बचे लोगों के सामने नई चुनौती18 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस राहत कार्यों पर पड़ी ख़राब मौसम की मार16 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस नो फ़्लाई ज़ोन में उड़ने की अनुमति16 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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