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मऊ दंगों की उच्चस्तरीय जाँच | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने मऊ में भड़के सांप्रदायिक दंगों की उच्च स्तरीय जाँच के आदेश दिए हैं. बनारस के पास के बुनकरों के इस शहर में चौथे दिन भी कर्फ़्यू जारी है. उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को हिंदू और मुसलमानों के बीच भड़के दंगों के बाद मऊ में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है और 36 घायल हुए हैं. मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने लखनऊ में पत्रकारों को बताया कि मऊ के सांप्रदायिक दंगों की जाँच एक तीन सदस्यीय कमेटी करेगी. इस कमेटी का नेतृत्व राजस्व बोर्ड की अध्यक्ष नीरा यादव को सौंपा गया है. नीरा यादव वही आईएएस अधिकारी हैं जिन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में सुप्रीम कोर्ट के आदेश से मुख्य सचिव के पद से हाल ही में हटाया गया था. मुख्यमंत्री यादव ने कहा है कि जाँच कमेटी इन आरोपों की भी जाँच करेगी कि इन दंगों के पीछे विधायक मुख़्तार अंसारी का भी हाथ है. उन्होंने कहा कि ये दंगे उनके दो साल के कार्यकाल पर एक धब्बे की तरह हैं. इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता कल्याण सिंह ने राज्यपाल टी राजेश्वर राव से मुलाक़ात कर न्यायिक जाँच की माँग की है. लेकिन मुख्यमंत्री ने इसे खारिज करते हुए कहा कि न्यायिक जाँच के नतीजे आने में ज़्यादा समय लगेगा. राज्यपाल राव ख़ुद भी दंगा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करना चाहते थे लेकिन प्रशासन की ओर से उनसे कुछ ठहरकर वहाँ जाने की सलाह दी गई है. |
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