|
बादल राष्ट्रपति से मिले, दो समितियाँ गठित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अकाली दल नेताओं ने राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से मुलाकात कर 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषियों की गिरफ़्तारी और उनके ख़िलाफ़ मुकदमा चलाए जाने की माँग की है. समाचार एजेंसियों के अनुसार प्रकाश सिंह बादल और अन्य अकाली नेताओं ने राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के साथ मुलाकात में माँग की कि सरकार को मामले जल्द निपटाने के लिए विशेष अदालतों का गठन करना चाहिए. सिख नेताओं के कुछ अन्य प्रतिनिधिमंडल भी अलग से राष्ट्रपति अब्दुल कलाम और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिले हैं. उधर भारत की केंद्र सरकार ने सिख विरोधी दंगों के संबंध में संसद को दिए गए आश्वासन को पूरा करने के लिए दो समितियाँ बनाई हैं. समाचार एजेंसियों के अनुसार गृह सचिव वीके दुग्गल ने पत्रकारों को बताया कि एक समिति मृतकों के परिजनों को समान मुआवज़ा दिए जाने की दिशा में काम करेगी जबकि दूसरी समिति मृतकों के परिजनों को नौकरियाँ देने पर विचार करेगी. 'अकाली माफ़ी माँगें' दूसरी ओर, काँग्रेस ने अकाली दल की नीतियों को पंजाब में चरमपंथ के लिए ज़िम्मेदार ठहराया और इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री और अकाली नेता प्रकाश सिंह से माफ़ी माँगने के लिए कहा. पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा, "बादल को बीस साल तक की अकालियों की नीतियों के लिए पंजाबियों से माफ़ी माँगनी चाहिए. इनके कारण एक पीढ़ी को नुकसान हुआ. उन्हें अपनी गलतियाँ माननी चाहिए लेकिन हम जानते हैं कि वे ऐसा नहीं करेंगे." दूसरी ओर, काँग्रेस का ज़िक्र करते हुए अमरिंदर सिंह ने कहा कि जब सोनिया गाँधी अमृतसर में स्वर्ण मंदिर में गई थीं तो उन्होंने (1984 में हुई सैनिक कार्रवाई के लिए) माफ़ी माँगी थी और प्रार्थना की थी कि देश में कभी दोबारा ऐसी घटनाएँ न हों. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||